(Posted on 16 May 2024)

मिशन लाइफस्टाइल पर एक सप्ताह के जागरूकता कार्यक्रम का हुआ समापन

मिशन लाइफस्टाइल को बढ़ावा देने के लिए 6-12 मई 2024 के दौरान आयोजित कम्पोस्ट/बायोगैस उत्पादन पर विचार/हैकथॉन पर एक सप्ताह के जागरूकता कार्यक्रम का समापन 12 मई, 2024 को सुबह 11.30 बजे बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के मिनी  सभागार में किया गया। सत्र की अध्यक्षता डॉ. आर के सोहने, निदेशक, प्रसार शिक्षा, बीएयू, सबौर ने की। समापन सत्र के दौरान कुल सचिव, डा एम हक, प्राचार्य बिहार कृषि महाविद्यालय, डा एस एन राय, अध्यक्ष, पादप कार्यिकी एवं जैव रसायन, डा संजय कुमार तथा संकाय के वरीय सदस्य डा शशिकांत उपस्थित थे। इस कार्यक्रम मे बीएयू, सबौर के तीन महाविद्यालयों के यूजी/पीजी के छात्र भी उपस्थित हुए। डा सोहने ने अपने विचारों को व्यक्त करते हुए इस बात पर जोड़ देते हुए छात्रों को मिशन लाइफ के सात उदेश्यों को अपने जीवन में अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने छात्रावास की रसोई से अपशिष्ट पदार्थों का पुनः उपयोग कर खाद तथा बायोगैस उत्पादन के लिए भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने इस बात को स्पष्ट रूप से कहा की विश्वविद्यालय परिसर को प्लास्टिक मुक्त होना चाहिए एवं केवल बायोडिग्रेडेबल वस्तुओं का ही उपयोग होना चाहिए।  मंच पर उपस्थित सम्मानित जनों ने आने वाली पीढ़ी की भलाई के लिए पर्यावरण के संरक्षण पर अपने दृष्टिकोण और विचार व्यक्त किए।

इससे पहले मिशन लाइफ कार्यक्रम के पांचवें दिन बीएयू, सबौर के नवनिर्मित लेक्चर थिएटर में यूजी छात्रों के लिए निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता दोपहर तीन बजे शुरू हुई। निबंध प्रतियोगिता का विषय मृदा अपरदन, मरुस्थलीकरण एवं भूमि पुनरुद्धार था। उक्त प्रतियोगिता में बिहार कृषि महाविद्यालय, वानिकी एवं पर्यावरण विज्ञान महाविद्यालय तथा कृषि जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, सबौर के 28 विद्यार्थियों ने भाग लिया। विशिष्ट प्रतियोगिताओं के लिए गठित निर्णायक समितियों ने मौके पर ही परिणाम संकलित किये।

कार्यक्रम के छठे दिन बीएयू, सबौर के नवनिर्मित लेक्चर थिएटर में भाषण, फोटोग्राफी, स्लोगन, निबंध लेखन, मॉडल और पेंटिंग प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रतियोगिताएं 11 मई, 2024 को अपराह्न 3.00 बजे शुरू हुईं। सभी प्रतियोगिताओं का विषय मिट्टी का कटाव, मरुस्थलीकरण और भूमि बहाली के इर्द-गिर्द घूमता रहा। भागलपुर के नौ अलग-अलग स्कूलों के लगभग सौ छात्रों ने भाग लिया । उक्त प्रतियोगिताओं में आनंद पब्लिक स्कूल, हैप्पी वैली स्कूल, होली फैमिली स्कूल, दीक्षा इंटरनेशनल स्कूल, डीएवी पब्लिक स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल, आद्या पब्लिक स्कूल, सरस्वती विद्या मंदिर और माउंट असीसी स्कूल ने भाग लिया। प्रतियोगिताओं को दो समूहों में विभाजित किया गया था यानी जूनियर समूह (कक्षा- प् . ट) और वरिष्ठ समूह (कक्षा टप् . ग्)।

  (Posted on 09 May 2024)

One Week Awareness Program to promote mission LiFE action in Agriculture (MLAA-2024) (6th – 12th May, 2024)

Plantation programme (8th May, 2024)

 Under the Awareness programme to promote mission LiFE action in Agriculture (6th -12th May being organised by Nature Club, Bihar Agricultural University Sabour a plantation programme was carried out in BAU main campus near and road side of Library back yard and the front of FST auditorium at 7.00 AM on 8th May, 2024. The Associate Dean cum Principal, Dr. S.N Ray headed and inaugurated the plantation programme by planting a tree of Gulmohar trees (Delonix regia) and delivered a speech highlighting the importance of tree planting in our lives and in protection of degrading environment. He said more we plant trees more will be our environment clean and useful for us. More than eighty students of three colleges, Bihar Agricultural College and College of Forestry, and College of Agricultural Biotechnology, Sabour participated enthusiastically in the programme. Considering the landscaping needs of the BAU campus, Gulmohar trees were chosen strategically to provide shade along roadways in the future. The planted trees will contribute towards campus beautification and environmental well-being in the long run. The programme ended with brief discussion on how to care the trees that had been planted and the importance of planting Gulmohar trees. Finally student presented vote of thanks to the principal for encouraging the events. The plantation programme was carried out in presence of faculty members namely Dr. Shashikant, Dr. R. D. Ranjan, Ar. A. K. Pal, Dr. Sareeta Nahakpam, Dr. Anand Kumar, Dr. Ravi Kesari, Dr. Arti Kumari,  Dr. Sudip Das and  Dr. Abhisekh Kumar, Dr. Veerbhdrappa etc

  (Posted on 09 May 2024)

One Week Awareness Program to promote mission LiFE action in Agriculture (MLAA-2024) (6th – 12th May, 2024)

 

Hand on training on Vermicompost preparation

The 2nd day 7th May, 2024 of the Mission LiFE action in Agriculture programme was linked with a hands-on training on Azolla cultivation and Vermicompost preparation at 3.00 PM. Prior to this flag down of Krishi Gyan vahan by Hon’ble Vice Chancellor, BAU, Sabour who addressed the students of Nature Club, BAU, Sabour from Bihar Agricultural College, College of Forestry and Environmental Study and College of Agricultural Biotechnology, Sabour. He pointed out the tragic situation of soil erosion, land degradation and dreadful effect of climate change. He urged the students for taking individual responsibility for saving the environment at all level of their lifestyle.    

            Thereafter the students moved to university Azolla cultivation and vermicompost production unit, where expert and incharge Dr. A. K. Jha detailed the importance and procedure of Azolla cultivation and vermin-compost production. He made students to visit different part of the unit, explaining every knowhow of the procedure. The various spp. of Azolla cultured in the unit was the centre of attraction for the students where they visualized the azolla cultures in different structure and asked the questions regarding its production procedure, cost of production and beneficial effects of Azolla. Dr. A.K. Jha addressed their queries in a simple way and provided the brief idea about its production techniques, its uses in various crops and also about the precautions that is required during its production and application in field.

Later Dr A.K. Jha took the students to the vermicompost production unit where they were shown two different types of vermicompost production, i.e. heap method and pit method. The pros and cons of both the production methods were explained in a very methodological way. The students were informed about various spp. and number of earthworms that can be used for a particular unit of vermicompost production while briefing about their roles in the composting process. They were also explained about the size of the vermi-pits, materials required and the procedure of preparation of vermi-bed for vermicomposting. The discussion ended with the provision of a brief idea about vermicompost harvesting which included approximate time taken for vermicompost formation and method of its harvesting. The students were finally explained with the processing unit that included sieving and packaging of vermicompost. Dr Jha ended the discussion with brief information about the economy of vermicompost production and its benefits to crops and environment.

The training ended with a group photo and vote of thanks by the organizing secretaries and other Nature Club members. .

  (Posted on 09 May 2024)

बिहार कृषि विश्वविद्यालय में राष्ट्रिय सेवा योजना इकाई द्वारा स्वेच्छिक रक्तदान शिविर में 81 यूनिट रक्तदान 

दिनांक 08 मई 2024 (बुधवार) को राष्ट्रिय सेवा योजना, बीएयू,सबौर के स्वयंसेवकों द्वारा स्वेच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन विश्वविद्यालय सभागार में किया गया। उक्त कार्यक्रम में जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के ब्लड बैंक के डॉक्टर एवं स्वस्थ्य कर्मियों द्वारा रक्त संग्रहण किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय कुलपति, डॉ डी आर सिंह, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर ने की। अपने सम्बोधन में विश्व थेलेस्सिमिया दिवस पर अधिक से अधिक रक्त दान करने हेतु सभी विद्यार्थियों एवं कर्मियों से आह्वान किया एवं राष्ट्रिय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को कार्यक्रम में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने के लिए बधाई दी । इस शिविर के माध्यम से 81 यूनिट रक्तदान किया गया जिसमें 65 पुरुष एवं 16 महिलाओं ने अपनी भागीदारी दी। विश्वविद्यालय के 49 विद्यार्थी तथा 32 वैज्ञानिक व शिक्षकेत्तर कर्मियों द्वारा रक्त जांच के उपरांत रक्तदान किया गया। इस कार्यक्रम में एचडीएफ़सी बैंक द्वारा भी सहयोग प्रदान किया गया। उक्त कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी अधिष्ठाता, निदेशक, प्राचार्य, विभागाध्यक्ष, संकाय के सदस्यों तथा विद्यार्थियों की भागीदारी रही। कार्यक्रम का संचालन डॉ अंशुम।न कोहली, कार्यक्रम समन्वयक, राष्ट्रिय सेवा योजना द्वारा किया गया।

  (Posted on 07 May 2024)

 

 कृषि ज्ञान वाहन किसानों के द्वार हुआ रवाना

 

आज दिनांक 07.06.2024 कों अपराह्न 03:00 बजे माननीय कुलपति डॉ डी. आर. सिंह द्वारा कृषि ज्ञान वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कृषि एवं पशुपालन के चाहूंमुखी उत्थान के उद्देश्य से बिहार सरकार द्वारा प्रदत्त इस ज्ञान वाहन से मिट्टी जाँच की सुविधा, किसानों को फसल विशेष के लिए उर्वरक व्यवहार की मात्रा, पशुओं की समस्याओं का त्वरित निदान, कीड़ा-बीमारी सहित खरपतवार की पहचान एवं उसके प्रबंधन की जानकारी प्राप्त होगी। कृषि ज्ञान वाहन द्वारा आज गोरडीह पंचायत के पिपरा गाँव में किसानों को कृषि की नवीनतम जानकारी उपलब्ध कराने के साथ उन्हें जागरूक करने का कार्यक्रम किया गया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी अधिष्ठाता, निदेशक और वैज्ञानिक साथ ही भागलपुर के सह-निदेशक कृषि मौजूद रहे।

इस अवसर पर माननीय कुलपति ने कहा कि "कृषि ज्ञान वाहन द्वारा हम किसानों के द्वार पर पहुंच रहे हैँ इसके माध्यम से पशुपालन, बागवानी या खेती में आने वाली समस्याओं का निदान त्वरित रूप से किया जायेगा, अब किसानों कों अपनी समस्या कों लेकर इधर उधर भटकने की आवश्यकता नहीं है बल्कि उसका निदान उनके द्वार पर ही हो जायेगा।" 

 

 क्या ख़ास है कृषि ज्ञान वहां में :

किसानों के ज्ञान संवर्धन के लिए तकनीकी फिल्मों का प्रदर्शन हेतु दो बड़े-बड़े एलईडी स्क्रीन लगायी गयी है। इसके माध्यम से मिट्टी जाँच नमूनों का संग्रहण किया जायेगा जिसका रिपोर्ट किसानों तक भेजा जायेगा। कृषि से जुड़े समस्याओं का किसानों के द्वार पर निराकरण करने की सुविधा इस वाहन में मौजूद है. इसके माध्यम से कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों से जुड़ी व्यवहारिक समस्याओं का निदान संभव हो पायेगा। खाद्यान्न / बागवानी / अन्य फसलों के कीट-व्याधि के साथ-साथ पशु एवं पक्षी के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समाधान किया गया। 

इसके माध्यम से कृषि उपादानों यथा बीज, जैविक खाद, तरल बायो फर्टिलाईजर सहित मशरूम स्पॉन आदि उपलब्ध कराया जायेगा।

 

 पिपरा गाँव पहुंचा कृषि ज्ञान वाहन:

 परिचालन के पहले दिन कृषि ज्ञान वाहन गोरडीह पंचायत के पिपरा गाँव पहुंची जहाँ कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को आम, लीची, ग्रीष्म कालीन सब्जी की खेती, मिट्टी जाँच के साथ-साथ पशुपालन पर भी जानकारी दी गयी। ग्रामीणों के समक्ष ज्ञान वाहन मे लगे एलईडी स्क्रीन पर सम सामायिक विषयों पर फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। ग्रामीणों ने अपने खेतोँ से मिट्टी का नमूना जाँचा के लिए सम्बंधित वैज्ञानिक को सौंपा। इस अवसर बिहार कृषि विश्वविद्यालय के प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ आर के सोहाने, कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक और प्रधान डॉ राजेश कुमार, भागलपुर के जिला कृषि पदाधिकारी श्रीराम अनिल कुमार के साथ-साथ केवीके के सभी वैज्ञानिक और कर्मी मौजूद रहे।

प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ आर के सोहने ने पिपरा गाँव के किसानों कों ज्ञान वाहन का भरपूर फायदा उठाने का आहावन किया।

  (Posted on 07 May 2024)

One Week Awareness Program to promote mission LiFE action in Agriculture (MLAA-2024) (6 th – 12 th May, 2024)

Inaugural Session (6th May, 2024)

One Week Awareness Program on Ideation/ Hackathon on Compost/ Biogas production (Waste to Wealth) to be held during 6-12th May 2024 was inaugurated on 6th May, 2024 at 11.00 AM in the FST auditorium of Bihar Agricultural University, Sabour to promote Mission Lifestyle for Environment (LiFE) in Agriculture. The session was chaied by Dr. A. K. Sah, Dean, Agriculture, BAU, Sabour. During the inaugural programme Dr. Manish Kumar, Faculty of Munger University, Munger was the invited speaker of the programme. The programme was started in the presence of dignitaries: Dr. J.N. Srivastava, Director Students Welfare, BAU, Sabour, Dr. A. K. Singh, Director Research, BAU, Sabour and Dr. R. K. Sohane, Director of Extension Education, BAU, Sabour. The UG/PG students of BAU, Sabour and faculties were benefitted from this programme.

After lightening of a lamp the dignitaries present on the dias were welcomed by the organizing secretary (MLAA), Dr. S. Nahakpam, who also briefly introduced the workshop. Dr. A. K. Pal, Organizing Secretary (MLAA) gave the outline of activities to be carried out during the one week programme on mission LiFE. Dr. J. N. Srivastava, Director Students Welfare, BAU, Sabour, focused on the importance of environmental protection emphasizing the value of natural resources and their conservation methods. Dr. D. R. Singh, Director Research, BAU, Sabour, talked about our duties towards the nature and relationship between nature and nurture. Dr. R. K. Sohane, Director of Extension Education, BAU, Sabour talked about inculcating the knowledge obtained from this workshop into the day to day life of students. He emphasized to use waste products from hostels for composting and encouraged students to be involved in such programmes. He also gave examples of success stories related to the generation of wealth from waste in Bihar such as e.g. Kothiya village as the first biological village and Kediya, Jamui, the first village to switch to organic farming. Invited speaker Dr. Manish Kumar, Munger University, Munger, talked about the urgency of conserving the degrading environment by taking initiatives from small scale biogas for recycling our daily wastes.  Dr. A. K. Shah, Dean (Ag.), BAU, Sabour appealed to implement the United Nations framework of climate change i.e. mitigation, adaptation and implementation. He elaborated LiFE as Little Innovation for the Future Environment. He said that there should be a tangible change when students are involved in such programme. He told that the students should come up with innovative models that can be implemented at the community level for the conservation of natural resources. He emphasized that the aim of such a workshop should be to motivate, innovate and participate.

The inaugural session ended with formal vote of thanks by co-organizing secretary Dr. Ruby Rani.

Technical Session (6th May, 2024)

Plenary Lecture by Dr. Manish Kumar, Munger University, Munger on “Composting/ Biogas Production (Waste to Wealth)”

During the technical session Dr. Manish Kumar, faculty of Munger University shared groundbreaking experience in the field of composting or biogas production, processes involved and its applications. He talked on innovative techniques for composting organic waste or producing biogas from various organic materials, leading to more efficient and sustainable practices. Dr. Manish Kumar highlighted the importance of shifting to composting and biogas. He discussed the 5 R’s concept i.e. Reduce waste, Reuse, Recycle, Refuse to buy non-eco-friendly products and Reform materials. Dr. Manish Kumar enlightened the audience with his thought provoking biogas innovative production technologies.

At the end of the technical session Dr. Manish Kumar was honoured by organizing secretary Dr. A. K. Pal and co-organizing secretary Dr. R. D. Ranjan with a memento depicting the logo of Work is workship-Work with Smile, adopted by university.

  (Posted on 07 May 2024)

A meeting of the Internal Quality Assurance Cell was held on 03-05-2024 under the Chairmanship of Hon'ble Vice Chancellor. The meeting emphasized on strict compliance of previous IQAC meeting proceedings, discussed suggestions of the Alumni in improving the quality of services at BAU, Sabour and timely announcement and publication of results of final semester examinations.

  (Posted on 04 May 2024)

Bihar Agricultural University Alumni Association (BAUAAS) interaction meeting

A programme was organised by Bihar Agricultural University Alumni Association (BAUAAS) on 3/05/2024 for interaction with one of our distinguished alumni Shree Santosh Kumar Sinha, of batch 1976-79 of BAC, Sabour and ex financial advisor, Govt. of Bihar with UG and PG students and faculty members of different department of the University. Mr. Sinha addressed the gathering and told that students should put their goal in 1st Semester and should planned accordingly to achieve the goal. Further he also asked that now a days there are lots of avenues in agriculture sector, so an agriculture graduate should be a job provider in place of job seeker. Dr A. K.Sah, Dean (Ag)&Patron BAUAAS, Dr R. P Shama, Dean ( PGS) & Patron BAUAAS, Dr P.K. Singh, Chairman, PBG & President, BAUAAS, Dr. J.N. Shrivastav, Dean ( PGS),  Dr S. N. Ray, Associate Dean-cum- Principal, BAC, Sabour, Dr Ruby Rani, Treasurer, BAUAAS, Dr. Preeti Singh and Dr. Bipin Bihari, Councillor, BAU, Sabour, BAUAAS were also present  the programme. Altogether more than 180 members participated in the interaction meeting including 155 UG and PG students

  (Posted on 04 May 2024)

Workshop on "Importance of GRE, TOEFL, IELTS for Study Abroad with Assistantships" organized at BAU, Sabour

The one day workshop on the "Importance of GRE, TOEFL, IELTS for Study Abroad with Assistantships" held at Bihar Agricultural University (BAU), Sabour, on May 4, 2024, was a comprehensive event organized by the Center of Excellence in Teaching and Learning (CETL) and the Internal Quality Assurance Cell (IQAC) to equip students with knowledge and tools for pursuing higher education opportunities abroad. The workshop was inaugurated by Dr. A.K. Singh, Director Research, BAU Sabour, aimed to familiarize students with the structure and pattern of examinations like GRE, TOEFL, and IELTS, essential for admission to universities abroad. He enlightened the students about the invaluable opportunities and vast potential that pursuing higher studies abroad in the field of agriculture could offer, opening doors to a world of enriching experiences and cutting-edge knowledge.

 

Dr. Aditya Sinha, the organizing secretary and main speaker, provided insightful presentations on the nuances of these examinations, strategic time management, effective study techniques, and enhancing verbal and writing skills. The event featured hands-on activities, panel discussions, and opportunities for students to clarify doubts, fostering a conducive learning environment. With a total of 90 students from diverse agricultural disciplines actively participating, the workshop demonstrated BAU's commitment to facilitating the academic and professional growth of students.A technical manual on study abroad was also released on the occasion. Dr. J.N. Srivastava, Director Students’ Welfare, BAU, Sabour served as the convenor of the workshop while Dr. Abhijeet Ghatak acted as Joint Organizing Secretary. Dr. Aditya Sinha, Assistant Professor, Extension Education and Officer Incharge, CETL, BAU, Sabour was the organizing secretary and speaker of the workshop.

  (Posted on 22 Apr 2024)

C-DAC and BAU Forge Alliance for Technological Revolution in Bihar's Agriculture Sector

On April 22, 2022, the Centre for Development of Advanced Computing (C-DAC) and Bihar Agriculture University (BAU) formalized a strategic collaboration through the signing of a Memorandum of Association (MoA). This MoA heralds a new era of partnership aimed at revolutionizing the agriculture sector in Bihar through innovative technological interventions.

The MoA was signed in the august presence of Shri Rajendra Vishwanath Arlekar, Hon’ble Governor of Bihar, by Shri. Aditya Kumar Sinha, Scientist ‘G’ & Director, C-DAC, Patna & Kolkata and Dr. D R Singh, Vice Chancellor, BAU at Raj Bhawan, Patna. The signing of the MoU was also witnessed by the team of C-DAC Patna and BAU.

Under this collaboration, C-DAC Patna will bring its expertise in cutting-edge technologies such as artificial intelligence, machine learning, and data analytics, BAU, on the other hand, will provide C-DAC Patna with its state-of-the-art research facilities and the expertise of agriculture professionals. This synergy is expected to result in significant advancements in the field of agriculture, benefiting both organizations as well as the wider community. 

The Hon’ble Governor took a keen interest in understanding how to overcome Bihar-specific agriculture issues like crop protection, seed and inventory management with technological interventions. 

Shri Aditya Kumar Sinha highlighted the significance of merging technological advancements with agricultural expertise, stating, "This collaboration marks a pivotal moment in leveraging advanced technologies like AI, drone technology, digital twin, etc. to revolutionize agricultural practices, ensuring sustainable growth and increased yields for farmers. Shri Aditya Kumar Sinha also expressed his gratitude to the Hon’ble Governor for his invaluable support and encouragement towards fostering such impactful collaborations in the agricultural sector.

Dr. D R Singh, also shared his thoughts, highlighting BAU's dedication to offering top-notch research facilities and working closely with C-DAC to explore new frontiers in agricultural research and development. Dr. D R Singh emphasized that the university has already prioritized the integration of Artificial Intelligence into agriculture. The university plans to adopt villages across different agroclimatic zones of Bihar for the application of AI in agriculture, scaling it up gradually through the State Department of Agriculture, Govt. of Bihar. He highlighted the university's state-of-the-art Media Centre and its role as the Fourth Krishi Roadmap of Bihar, with a special focus on services such as weather advisories up to the village level, Decision Support Systems, Kisan Gyan Vahan, technical films, Community Radio Stations, and teleconferencing with farmers, among others.

Addressing the gathering, the Hon’ble Governer shared the vision of the tech-driven agriculture sector aligned with the fourth agriculture roadmap of Bihar and affirmed that the future of agriculture would be bright when organizations like C-DAC and BAU are there to deal with existing and emerging challenges and problems of sustainability in the sector which can be handled technologically and converted into opportunities.

This collaboration marks a pivotal step towards realizing the fourth agriculture roadmap of Bihar, aligning with the vision of a vibrant and technologically empowered agriculture sector. C-DAC and BAU are poised to lead the charge in transforming challenges into opportunities, ensuring a brighter and more sustainable future for Bihar's agriculture industry.

  (Posted on 21 Mar 2024)

BAU Leads the Way with First-Ever Extension Plant Pathology Course in India
 
BAU is proud to complete the first batch of Extension Plant Pathology. This is a course that is being taught only in BAU amongst all State Agricultural Universities and Deemed Universities of India. This postgraduate course is unique in itself which is a blend of two applied disciplines of agricultural sciences viz. Extension Education and Plant Pathology. The course is developed for postgraduate and PhD students and is remarked with a code, PL PATH-520 with 2+1=3 credit hours. This course can be opted for by any student who is interested in plant stress and keen on developments of ICT and digital agriculture.

The course was unanimously accepted and approved by the House of the 32nd Academic Council of the university and thereafter students got enthusiastic to sink into the knowledge of this blended course. The course was designed by Dr Abhijeet Ghatak (Plant Pathology) and Dr Aditya Sinha (Extension Education); they became the very first instructors to launch this course.

At the end of the session, both of the instructors along with another instructor, Dr Shraddha Sawant thanked the Hon'ble Vice-Chancellor for believing in the team and kind support. The students and teachers, together, assembled in a session-end gathering wherein the authorities like the Registrar, Dean (PGS), and DSW were invited who interacted with the students and got feedback from the students.
 

  (Posted on 19 Mar 2024)

बीएयू भागलपुर में ओरिएंटेशन कार्यशाला आयोजित… कुलपति ने किया उद्घाटन…

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, भागलपुर सबौर के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केन्द्रों में नवनियुक्त विषय वस्तु विशेषज्ञों के ओरिऐन्टेशन कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का उदघाटन डा. डी. आर. सिंह कुलपति द्वारा किया गया। इस अवसर पर डा. सिंह ने कहा कि .कृषि विज्ञान केन्द्र मुख्य रूप से खेती-किसानी में लगे लोगों के लिए जिला स्तर पर ज्ञान-विज्ञान का प्रमुख स्थल है और यहाँ पर आने वाला हर किसान हम सब का विशिष्ट अतिथि है।

उन्होंने ने कहा कि वत्र्तमान परिवेश में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के समक्ष कठिन परिस्थिति है जिसमें फसल उत्पादकता में ठहराव, भूमि की उर्वरता में लगातार गिरावट के साथ सिंचाई साधनों में कमी और मौसम में लगातार हो रहा परिर्वतन आदि विशेष कारक है। डा. सिंह ने कहा कि ऐसे समय में कृषि विज्ञान केन्द्र के विशेषज्ञों की पहुँच ज्यादा से ज्यादा किसानों एवंकृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों तक बढानी होगी इसके लिए राज्य सरकार सहित अन्य संस्थाओं के संगठन, सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों के उपयोग पर विशेष बल देना होगा और इस वर्ष प्रत्येक कृषि विज्ञान केन्द्र को कम से कम एक लाख लोगों से जुडना होगा।

डा. सिंह ने कहा कि प्रत्येक विषय वस्तु विशेषज्ञ को अपने जिले की भोगौलिक स्थिति सहित प्राकृतिक संसाधनों तथा कृषि की मूलभूत समस्याओं से अवगत होना बहुत आवश्यक है तभी हमलोग किसानों की तकनीकी सहायता करने में सफल होंगे। उन्होनें कहा कि कृषि विज्ञान केन्द्रों में पदस्थापित विशेषज्ञ किसी एक विषय के जानकार के रूप में अपनी जिम्मेवारी का निर्वहन नहीं करे फार्म साइंटिस्ट बनकर के किसानों की सेवा करे। साथ ही खा4 सुरक्षा के साथदृसाथ समाज के पोषण सुरक्षा पर जानकारी देकर लोगों को सुरक्षा के साथ समाज के पोषण सुरक्षा पर जानकारी देकर लोगों को स्वस्थ बनाएँ।

डा. आर. के. जाट, वरीय वैज्ञानिक, बीसा, समस्तीपुर, ने इस अवसर पर अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि कृषि हमारे जीवन का आधार है जिसपर मौसम में हो रहे परिवर्तन का सीधा प्रभाव पड़ता है। उन्होने कहा कि वर्ष 2019 से बिहार सरकार ने जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम प्रारंभ कर के देश दुनिया के सामने कृषि विकास का एक अनूठा माॅडल प्रस्तुत किया है जिसका परिणाम है कि बिहार की कृषि उत्पादकता में 10दृ12 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी तथा किसानों के आमदनी में 16 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोत्तरी हुई है। धन्यवाद ज्ञापन डा. आर. एन. सिंह, सह निदेशक प्रसार शिक्षा के द्वारा दिया गया। उक्त कार्यशाला में राज्य के 42 विषय वस्तु विशेषज्ञ भाग ले रहे है।

  (Posted on 19 Mar 2024)

आईडीबीआई बैंक Mata कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव का किया आयोजन… पांच छात्रों का अतिंम रूप से हुआ चयन..

आईडीबीआई बैंक ने अपने कैंपस कनेक्ट प्रोग्राम के हिस्से के रूप में जूनियर असिस्टेंट मैनेजर (जेएएम) की न्युक्ति के लिए विश्वविद्यालय के अंतिम वर्ष के कृषि स्नातक छात्रों के लिए एक कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित किया।

समूह चर्चा और व्यक्तिगत साक्षात्कार सहित कठोर चयन प्रक्रिया से गुजरते हुए, इस पहल में कुल 28 छात्रों ने भाग लिया। कुल पांच विद्यार्थियों का अंतिम रूप से चयन किया गया। चयनित अब्यार्थियों को वार्षिक पैकेज के रुप में 6.14 लाख से 6.50 लाख रूपये तक मिलेंगें।

बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू ) के कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह ने भाग लेने वाले छात्रों को शुभकामनाएं दी और साक्षात्कार आयोजित करने के लिए आईडीबीआई बैंक के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस सफल कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव को व्यवस्थित करने में डॉ. जे.एन. श्रीवास्तव, निदेशक छात्र कल्याण, डॉ. चंदन कुमार पांडा, प्लेसमेंट सेल के प्रभारी, डॉ. अनिल पासवान और डॉ. अपूर्वा पाल द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गयी । यह प्रयास न केवल छात्रों के लिए कैरियर मूल्यांकन के लिए अवसर प्रदान करता है बल्कि विश्वविद्यालय और कॉर्पोरेट क्षेत्र के बीच संबंध को भी मजबूत करता है।

  (Posted on 16 Mar 2024)

A six day Bootcamp on Drones and Allied Technologies concluded at BAU, Sabour. The Bootcamp was organized by the Centre for Development of Advanced Computing (C-DAC), Patna. During the concluding ceremony, certificates were awarded to 37 successful participants. As a part of the assessment process, all participants were divided into groups and made to present an innovative idea on application of drones in Agriculture. The winner was decided by a popular vote and appreciated.

  (Posted on 15 Mar 2024)

प्राकृतिक खेती पर एक दिवसीय प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

आज दिनांक 15 मार्च 2024 को कृषि विज्ञान केन्द्र, बाढ़, पटना के प्रांगण में प्रकृतिक खेती पर जागरूकता सह दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डाo डीo आरo सिंह, कुलपति, बिहार कृषि विष्वविद्यालय, सबौर एवं विशिष्ट अतिथि के रुप में डाo आरo सोहाने, निदेशक प्रसार शिक्षा, बिहार मौजुद थे। कार्यक्रम का उदघाटन डाॅ डीo आरo सिंह, कुलपति, डाॅ आरo केo सोहाने, निदेषक प्रसार शिक्षा बि.ए.यू, सबौर, डाॅ रीता सिंह, वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान, प्रगतिशील किसान श्री शम्भू नारायण सिंह एवं श्री चंदन कुमार के द्वारा दीप प्रज्जवलीत कर किया गया। इस कार्यक्रम में केन्द्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डाo रीता सिंह ने अपने स्वागत भाषण में विभिन्न अतिथियों का स्वागत करते हुए उपस्थित किसान, कृषक महिलाएं, जीविका समुह से जीविका दीदीयां एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं कृषि प्रसार कार्यकर्ता को केन्द्र में चल रहे किसान उपयोगी कार्यक्रम को विस्तार से बतलाया एवं उपस्थित किसानों को लगातार केन्द्र के संपर्क में रहने की सलाह दी। तकनीकी सत्र में किसाानों को प्राकृतिक खेती के विभिन्न स्तंभ, विभिन्न प्रकार के जैव उत्पाद यथा बीजामृत, जीवामृत, नीमास्त्र, अग्नीयस्त्र, ब्रहमास्त्र एवं दषपर्णी अर्क बनाने की जानकारी दी गयी। इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आये किसानों ने प्राकृतिक , जैवीक खेती, पोषक अनाज की खेती, बटन मशरुम उत्पादन, शून्य जुताई विधि से आलू की खेती एवं षुन्य जुताई विधि से गेहूँ की खेती एवं सब्जी बीज उत्पादन पर अपने अनुभव साझा किये। डाॅ आरo केo सोहाने ने किसानों को संबोधित करते हुए बतलाया कि कृषि विज्ञान केन्द्र, बाढ़ के द्वारा मशरूम उत्पादन, दलहन, विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित सवाल जबाव कार्यक्रम, ई निरोग एैप, किसान हेल्प लाईन नं0, ड्रोन, खेसाड़ी के उन्नत प्रभेद-रतन एवं प्रतीक के प्रसार पर बिहार कृशि विश्वविद्यालय, सबौर एवं कृषि विज्ञान केन्द्र, बाढ़, पटना के पहल की जानकारी दी। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में बतलाया कि बदलते मौसम में पोषक अनाज एवं मक्का की खेती पर किसान अधिक लाभ कमा सकते हैं, साथ हीं उन्होंने कृषि शिक्षा के प्रति स्कुली बच्चों में जागरूकता लाने पर बल दिया। उन्होंने प्रत्येक कृषि विज्ञान केन्द्रों में कृषि तकनीकी सूचना केन्द्र (एटीक) की स्थापना का आश्वासन दिया। उन्होंने पटना जिले के भौगोलिक परिदृश्य को देखते हुए पटना जिले में एक अन्य कृषि विज्ञान केन्द्र की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने किसानों को छोटे क्षेत्रफल में फूल की खेती, सब्जी की खेती एवं छत पर बागवानी कर अतिरिक्त आय अर्जीत करने की सलाह दी। उन्होंने प्रदेश में अधिक संख्या में कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना करने पर बल दिया। उन्होंने कृषि विज्ञान केन्द्र में पोषक अनाज प्रसंस्करण यंत्र उपलब्ध करवाने का आशवासन दिया। 

इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से 550 कृषकों ने भाग लिया। धन्यवाद ज्ञापन डाo मृणाल वर्मा के द्वारा दिया गया। इस कार्यक्रम में केन्द्र के सभी कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से सहयोग दिया।

  (Posted on 14 Mar 2024)

कृषि विज्ञान केन्द्र, अरवल में दो दिवसीय किसान मेला-सह-प्रदर्शनी का आयोजन

कृषि विज्ञान केन्द्र, लोदीपुर, अरवल के प्रांगण में अनुसूचित जाति उप-योजना के अंतर्गत 14 एवं 15 मार्च 2024 को दो दिवसीय किसान मेला-सह-प्रदर्शनी 2024 का आयोजन किया गया है । आज दिनांक 14 मार्च 2024 को पहले दिन दीप प्रज्ज्वलित कर किसान मेला-सह-प्रदर्शनी 2024 का शुभ-उद्घाटन माननीय कुलपति, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर डॉ0 दुनिया राम सिंह जी के कर कमलों से किया गया । मौके पर बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर के निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ0 आर0 के0 सोहाने, भा0कृ0अनु0प0-अटारी, ज़ोन-4, पटना के प्रधान वैज्ञानिक डॉ0 धर्मवीर सिंह, अग्रणी जिला प्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक, अरवल, उप-परियोजना निदेशक, आत्मा, अरवल, जिला मतस्य पदाधिकारी, अरवल, जिला गव्य विकास पदाधिकारी अरवल एवं जिला के अन्य कृषि संबंधित विभागों के अधिकारी सहित केन्द्र की वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ0 अनीता कुमारी ने कृषकों को संबोधित किया । 

उक्त मेले में स्टॉल के माध्यम से विभिन्न नई तकनीकों एवं यंत्रों से कृषकों को अवगत कराया गया जिसके अंतर्गत सुधा (कॉमफेड), कृषि विज्ञान केन्द्र, अरवल के गृह विज्ञान, पौधा संरक्षण, उद्यान एवं पशुपालन, जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम, पान अनुसंधान केन्द्र, महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पाद एवं सभी कृषि संबंधित विभागों के स्टॉल शामिल थे तथा उद्यान प्रदर्शनी भी लगाई गई । कुल 900 कृषकों ने मेले के प्रथम दिन भाग लिया । 

मौके पर डॉ0 अनीता कुमारी, वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान ने कृषि विज्ञान केन्द्र, अरवल में चल रहे अनुसूचित जाति उप-योजना, पाँच गावों में चल रहे जलवायु अनुकोल कृषि कार्यक्रम, अग्रिम पंक्ति प्रत्यक्षण, समूह अग्रिम पंक्ति प्रत्यक्षण, कुपोषण उन्मूलन कार्यक्रम के बारे में कृषकों को विस्तार से बताया । तत्पश्चात जिला गव्य विकास पदाधिकारी अरवल के द्वारा विभिन्न योजना एवं उपयोजना के बारे में चर्चा किया गया । मतस्य विभाग के पदाधिकारी ने मछली उत्पादन से संबंधित सरकार की योजनाओं का जिक्र किया जिसके अंतर्गत बायोफ्लाक विधि से मछली उत्पादन कर किसान अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते हैं । उद्यान पदाधिकारी ने गर्मी मौसम में मूंग और हरी खाद की खेती करने की सलाह दिया । अरवल जिले के अग्रणी बैंक प्रबंधक ने खेती से संवंधित किसान क्रेडिट कार्ड साथ ही साथ खेती से उद्याग सृजन में बैंको के योगदान के बारे में विस्तार से बताया । पान अनुसंधान केन्द्र, इस्लामपुर के प्रभारी ने फसल विविधीकरण के तहत मुख्य फसल के साथ साथ औषधीय पौधों के अन्तर्वर्तीय फसल के रूप में खेती कर के अतिरिक्त आय बढ़ाने के बारे में बताया । प्रधान वैज्ञानिक डॉ0 धर्मवीर सिंह ने किसानों को मेले में लगे प्रदर्शनियों के माध्यम से कृषकों को नए-नए तकनीकों को अपनाने पर जोड़ दिया । निदेशक प्रसार शिक्षा ने विश्वविद्यालय के तकनीकों को किसानों के दरवाजे तक पहुंचाने के लिए टोल फ्री नंबर 18003456455 के बारे में किसानों को बताया जिसके माध्यम से किसान अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकते हैं । माननीय कुलपति, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर ने अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में किसानों की आय बढ़ाने हेतु उपयोगी सुझाव दिए जिसमे अरवल जिले में खरीफ मौसम में मक्का उत्पादन की अपार संभावना है जिससे एथेनॉल का उत्पादन कर किसान बेहतर आमदनी प्राप्त कर सकते है। साथ ही साथ उन्होंने अरवल किसानों को फल – फूल, सब्जी, देशी कुक्कुट पालन के मार्केटिंग को पटना मार्केट से जोड़ने की बात पर बल दिया । उन्होंने पोषक वाटिका में साग-सब्जियों के साथ-साथ औषधीय पाधों को लगाने पर जोड़ दिया । साथ ही उन्होंने किसानों से यह आग्रह किया कि अपने बच्चों को मेडिकल-इंजीनियरिंग की भीड़ में न भेज कर कृषि शिक्षा की तरफ झुकाव को बढ़ावा दें ताकि रोजगार लेने वाला नहीं रोजगार सृजन करने वाला बने। साथ ही उन्होंने कृषकों को FPO से जुडने के लिए प्रेरित किया । साथ ही उन्होंने जिले में जई फसल का क्षेत्र बढ़ाने पर जोड़ दिया। 

उक्त कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र, जहानाबाद के वैज्ञानिक, पान अनुसंधान केन्द्र, इस्लामपुर के वैज्ञानिक तथा केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ0 उदाय प्रकाश नारायण, डॉ0 कविता डालमिया, श्री अजय कुमार दास के द्वारा तकनीकि सत्र महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गई । उक्त कार्यक्रम को सफल बनाने में केन्द्र के कर्मीगण यथा श्री प्रशांत कुमार सिन्हा, श्री कुंदन कुमार, श्रीमती कुमारी ज्योति, श्री श्याम सुंदर राम, श्री अशोक दास एवं श्री रंजन कुमार दास की महत्वपूर्ण भूमिका रही

। 

  (Posted on 13 Mar 2024)

Kisan Mela 13-15 March 2024 Started at KVK Nalanda .Inaugurated by Hon'ble Minister Germain Vikash& Samaj Kalyan shree Shrawan Kumar jee, Hon'ble MLA Nalanda Shree Kaushlendra Kumar jee , Hon'ble VC BAU Sabour Dr D R Singh,DEE BAU Sabour Dr R K Sohane , Principal Scientist ATARI Patna Dr Amrendra Kumar Associate Cum Principal NCOH Dr Randhir Kumar were Graced the Occasion. More than thousand Farmers Participated in the Kisan Mela. Dignitaries also visited CRA Demonstration in CRA Village Chainpur

  (Posted on 12 Mar 2024)

बीएयू सबौर में ऐटिक सेंटर और एआई आधारित स्क्रीन का हुआ लोकार्पण

 

दिनांक 12.03.2024 को बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के मुख्यालय में नव स्थापित कृषि प्रौद्योगिकी सूचना केन्द्र सहित कृषक पाठशाला कक्ष का उद्घाटन एवं विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर एल.ई.डी. स्क्रीन का लोकार्पण बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह के कर-कमलों से किया गया। इस अवसर पर डॉ. सिंह ने कहा कि कृषि प्रौद्योगिकी सूचना केन्द्र विश्वविद्यालय मुख्यालय में आने वाले किसानों/युवाओं सहित अन्य लोगों को खेती किसानी सहित विभिन्न प्रकार की जानकारियों एवं उपादान उपलब्ध कराने का केन्द्र होगा जहाँ एक ही छत के नीचे कृषि संबंधी सभी प्रकार की जानकारियाँ एवं उत्पाद उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि कृषि प्रौद्योगिकी सूचना केन्द्र की स्थापना का मुख्य उद्देश्य एक ही छत के नीचे कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की तकनीकी जानकारी एवं साहित्य सहित विभिन्न प्रकार के कृषि उपादान उपलब्ध कराने की एकल खिड़की व्यवस्था है। डॉ. सिंह ने बताया कि यह केन्द्र किसानों, विशेष रूप से महिला किसानों को प्राकृतिक खेती के साथ पोषण सुरक्षा के लिये आवश्यक फसलों के उत्पादन उसके भंडारण, प्रसंस्करण आदि से संबंधित तकनीकी जानकारी प्रदान करने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि आज के बदलते मौसम में प्रचलित खेती के स्थान पर आवश्यकता आधारित फसल पद्धति को अपनाना जरूरी होगा। इस सूचना केन्द्र में परिभ्रमण करने वाले सभी लोगों को आवश्यकता आधारित फसल विविधीकरण के साथ फसल अवशेष प्रबंधन, पोषक तत्व प्रबंधन एवं समेकित पशुपालन के लिये प्रोत्साहित करेगा।

 आर्टिफिशल इंटेलिजेन्स आधारित एल. ई. डी. स्क्रीन का हुआ लोकार्पण :

 

 इस अवसर पर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर स्थापित किये गये एल.ई.डी. स्क्रीन का लोकार्पण करते हुए डॉ. डी. आर. सिंह ने कहा कि इसके माध्यम से विश्वविद्यालय में आयोजित किये जाने वाले कार्यक्रमों/गतिविधियों सहित मौसम की जानकारी ऑडियो-विडियो माध्यम से सभी लोगों को प्राप्त होगी। उन्होंने बताया कि निकट भविष्य में विश्वविद्यालय के कार्यक्षेत्रा में संचालित संस्थानों को इससे जोड़ने की पहल की जायेगी। यह स्क्रीन आर्टिफीसियल इंटेलिजेन्स के माध्यम से विश्वविद्यालय की दैनिक गतिविधियों और मौसम अनुकूल खेती की सलाह देगा। विश्वविद्यालय में किसानों के लिए उपलब्ध, बीज, पौधों और अन्य समग्रीयों की जानकारी सहजता से बताएगा।

 

 अनुसूचित जाति के कृष्णकों मिला प्राथमिक कृषि यँत्र : 

 

 कृषि विज्ञान केंद्र सबौर भागलपुर में चल रहे अनुसूचित जाति उप योजना अंतर्गत 50 अनुसूचित जाति के कृषकों के बीच आज प्राथमिक कृषि यंत्र स्वरूप कुदाल,खुरपी, मेंज सेलर, हसुआ एवं विडर के यंत्र के साथ-साथ दो-दो आम एवं नींबू के पौधे को माननीय कुलपति बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर डॉक्टर डी आर सिंह के द्वारा वितरित किया गया।

 इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के डॉ. आर. के. सोहाने, निदेशक प्रसार शिक्षा, डॉ. अनिल कुमार सिंह, निदेशक अनुसंधान, डॉ. ए. के. साह, अधिष्ठाता कृषि, डॉ. आर. पी. शर्मा, अधिष्ठाता स्नातकोत्तर, डॉ. एम. फिजा अहमद, निदेशक, बीज एवं प्रक्षेत्रा, ई. कुमार संजीव रमण, निदेशक, कार्य एवं संयंत्रा, डॉ. मिजानुल हक, कुलसचिव, श्री विरेन्द्र कुमार सिन्हा, नियंत्राक, डॉ. आर. एन. सिंह, सह निदेशक प्रसार शिक्षा, डॉ. अभय मानकर, उप निदेशक प्रशिक्षण, डॉ. राजेश कुमार, जन सम्पर्क पदाधिकारी सहित बिहार कृषि महाविद्यालय के प्राचार्य/वैज्ञानिकगण एवं कृषि विज्ञान केन्द्र, सबौर के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान उपस्थित थे।

  (Posted on 09 Mar 2024)

कृषि प्रौद्योगिकी सूचना केन्द्र का उदघाटन

 

कृषि प्रौद्योगिकी सूचना केन्द्र का   उदघाटन माननीय कुलपति, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर द्वारा दिनांक 09 मार्च, 2024 को कृषि अनुसंधान संस्थान, पटना परिसर में किया गया। इस अवसर पर निदेशक शोध डॉ. ए.के. सिंह, निदेशक कार्य एवं संयंत्र, ई. के. एस. रमण, सह निदेशक (शष्य) डॉ. डी. पी. त्रिपाठी, निदेशक भूमि संरंक्षण श्री सुदामा महतो, पूर्व प्राचार्य नालंदा उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय डॉ. पंचम कुमार सिंह, निदेशक दूरदर्शन, पटना एवं संस्थान के सभी वैज्ञानिक एवं कर्मचारी तथा स्थानीय कृषक बन्धु उपस्थित रहे।

 

इसके पूर्व माननीय कुलपति एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा संस्थान के प्रक्षेत्र का भ्रमण किया गया जिसके दौरान औषधीय एवं सगंध वाटिक, हाईटेक नर्सरी, अमरूद/आम/नींबू इत्यादि मातृवृक्ष एवं तीसी प्रजनक बीज उत्पादन को और अधिक किसानोपयोगी बनाने का निर्देश दिया गया।

 

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति ने कृषि अनुसंधान संस्थान, पटना के द्वारा कृषि जलवायु क्षेत्र जोन-3बी के किसानों के लिए किये जा रहे प्रयासो की सराहना की तथा उन्होने वैज्ञानिकों को आहवान किया कि राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित चौथी कृषि रोड मैप के अनुरूप किसानो के आर्थिक उन्नयन के लिए हर संभव प्रयास किया जाये। उन्होंने कहा कि सरकार के इन्ही उद्देश्यों के प्राप्ति के लिए बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर के द्वारा इस संस्थान में क्षेत्रीय किसानों को कृषि संबंधित नयी तकनीकी के सूचना के आदान-प्रदान के लिए "कृषि प्रौद्योगिकी सूचना केन्द्र" की स्थापना की जा रही है। इसके पूर्व संस्थान के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. एम.डी. ओझा ने आये हुए अतिथियों का पुष्प गुच्छ से स्वागत करते हुए संस्थान के द्वारा अनुसंधान, प्रसार और प्रशिक्षण आदि गतिविधियों के लिए कृषि जलवायु के अनुरूप किये जा रहे विभिन्न कार्यों की विस्तार से चर्चा की तथा संस्थान द्वारा भविष्य में अपनायी जाने वाले विभिन्न गतिविधियों की भी रूपरेखा प्रस्तुत की। निदेशक शोध बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर डॉ. ए.के. सिंह ने संस्थान में स्थापित किये जा रहे कृषि प्रौद्योगिकी सूचना केन्द्र के उद्देश्यों की चर्चा की तथा संस्थान के द्वारा किये जा रहे अनुसंधान, प्रसार गतिविधियों की प्रशंसा की तथा उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा संस्थान को आवश्यकतानुसार सभी आवश्यक सहयोग प्रदान करने की बात कही। इस अवसर पर संस्थान के द्वारा तैयार की गई तकनीकी बुलेटिन "प्राकृतिक खेती" का अतिथियों द्वारा विमोचन किया गया तथा माननीय कुलपति के कर कमलो द्वारा संस्थान के दो महिला कर्मियो श्रीमती सरिता कुमारी एवं श्रीमती विनीता तीग्गा को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ती पत्र दिया गया। इसी क्रम में कुलपति ने सभी प्रतिभागी कृषक बन्धुओं को आदर्श गृह वाटिका किट, लेमन ग्रास एवं पुदीना का गमला तथा बिहार कृषि विश्वविद्यालय का वर्ष 2024 का कैलेण्डर भी भेंट किया। उद्घाटन कार्यक्रम में सभी विशिष्ट अतिथियों ने अपने-अपने विचार व्यक्त किये। समारोह में उपस्थित लोगो का धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रणवीर कुमार कनीय वैज्ञानिक (कृषि अर्थशास्त्र) एवं मंच संचालन डॉ. संगीता कुमारी कनीय वैज्ञानिक (उद्यान) ने किया। इस अवसर पर डॉ. एन.वाई. आज़मी, डॉ. रंजीत कुमार, डॉ. एस.एन. दास, डॉ. प्रभात कुमार, श्री अवधेश कुमार सिंह, श्री गोपाल शरण सिन्हा, श्री आशिष कुमार सिन्हा, श्री अशोक कुमार, श्री नरेश कुमार, श्री राजेश कुमार सिंह, श्री मुकेश कुमार आदि ने सराहनीय भूमिका निभाई।

  (Posted on 08 Mar 2024)

बीएयू सबौर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन, नारी सशक्तिकरण पर हुई विशेष चर्चा

 

दिनांक 07 मार्च, 2024 को बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के माननीय कुलपति महोदय, डॉ डी आर सिंह के निर्देशानुसार विश्वविद्यालय अन्तर्गत सभी विभागों में उस विभाग की वरीय महिला वैज्ञानिक/ शिक्षिका को एक दिन के लिए विभाग के अध्यक्ष पद से सुशोभित किया गया एवं उनके कुशल नेतृत्व में 8 मार्च 2024 को 'राष्ट्र विकास में महिलाओं की भूमिका' विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन करके अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। कार्यशाला का सुभारम्भ सुबह 10:30 बजे बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के मिनी सभागार में डीन, निदेशक, कुलसचिव, संकाय सदस्यों, कर्मचारियों के साथ-साथ छात्रों की उपस्थिति में शुरू हुई। कार्यक्रम की शुरुआत सम्मानित डीन एग्रीकल्चर डॉ. ए.के. साह, निदेशक छात्र कल्याण डॉ. जे. एन. श्रीवास्तव, कुलसचिव डॉ. एम. हक, निदेशक प्रशासन डॉ. एम. के. वाधवानी एवं नियंत्रक श्री बीरेन्द्र कुमार सिन्हा सहित गणमान्य व्यक्तियों के औपचारिक स्वागत के साथ हुई। श्रीमती रश्मी कुमारी, टेक्नो ग्राउंड, बेगुसराय, बिहार की संस्थापक इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि थीं। दीप प्रज्वलन से इस आयोजन की शुरुआत हुई। कार्यक्रम की शुरुआत में आयोजक डॉ किरण कुमारी ने अपना स्वागत भाषण दिया। अपने संबोधन में निदेशक छात्र कल्याण डॉ. जे. एन. श्रीवास्तव ने जीवन के हर पहलू में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला और अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की उत्पत्ति के बारे में बताया। श्रीमती रश्मि कुमारी ने गृहिणी से उद्यमी बनने तक की अपनी यात्रा साझा की, जो सभी प्रतिभागियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रही। रजिस्ट्रार डॉ. एम. हक ने विश्वविद्यालय में हाल ही में कई महिला वैज्ञानिकों की भर्ती पर प्रकाश डाला, जो महिला सशक्तिकरण का एक उज्ज्वल उदाहरण दर्शाता है। उन्होंने अपने काव्यात्मक चिंतन के माध्यम से जीवन के प्रत्येक पहलू में महिलाओं की भूमिका की सराहना की। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, सबौर की वार्डेन श्रीमती प्रियंका ने अपने भाषण में छात्रों के समग्र विकास की दिशा में एक बड़ी भूमिका निभाने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा स्कूल को गोद लेने पर प्रकाश डाला। निदेशक प्रशासन डॉ. एम. के. वाधवानी ने विकासात्मक अर्थशास्त्र की भूमिका के बारे में चर्चा की और सभी संकाय सदस्यों से समाज के समग्र विकास के लिए महिला उत्थान में सक्रिय रूप से भाग लेने का अनुरोध किया। डीन एग्रीकल्चर डॉ. ए. के. साह ने इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए संकाय सदस्यों को बधाई दी और महिला सशक्तिकरण में पुरुषों की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के छात्रों को कृषि में उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने के लिए संकाय सदस्यों की सक्रिय भागीदारी की भी सराहना की। कई संकाय सदस्यों और छात्रों ने राष्ट्र के विकास में महिलाओं की भूमिका विषय पर अपने विचार साझा किए। आयोजन सदस्य डॉ. चंदा कुशवाहा ने औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन करते हुए बीएयू, सबौर के माननीय कुलपति और एसोसिएट डीन-सह-प्रिंसिपल, बीएसी, सबौर, संकाय सदस्यों और छात्रों सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यशाला का समापन समूह-फोटोग्राफी, प्रतिभागियों के लिए ढेर सारी प्रेरणा, प्रेरणा और स्पष्ट घर ले जाने के संदेश के साथ हुआ।

  (Posted on 08 Mar 2024)

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में वर्ष 2024 के अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस (8, मार्च) के प्रति सम्मान प्रकट करने एवं प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दिनांक 07 मार्च, 2024 को माननीय कुलपति महोदय के निर्देशानुसार विश्वविद्यालय अन्तर्गत सभी विभागों में उस विभाग की वरीय महिला वैज्ञानिक/ शिक्षिका को एक दिन के लिए विभाग के अध्यक्ष पद से सुशोभित किया गया।

यह कार्य माननीय कुलपति महोदय के महिलाओं के महत्व को समझाने के लिए लोगों को जागरूक कराना है। इस थीम का अर्थ महिलाओं के लिए एक ऐसे समाज के निर्माण को बढ़ावा देना भी है, जहाँ महिलाएं खुद को जुड़ा हुआ महसूस कर सकें, सशक्त महसूस कर सकें, उन्हें हर क्षेत्र में बराबरी का हक मिले। यह कार्य विश्वविद्यालय द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में सकारात्मक पहल है।

  (Posted on 29 Feb 2024)

 

Internal Quality Assurance Cell and Sabour Consultancy Services, BAU, Sabour organized an Orientation Workshop for Railwaymen in Agriculture. Thirty six participants from The Indian Railways Institute of Mechanical and Electrical Engineering (IRIMEE), Jamalpur attended the orientation workshop. IRIMEE is one of the six Centralized Training Institutes of Indian Railways functioning for training of Railway Officers.

 

The railway officers were sensitized towards responsible use of natural resources such as soil, water, organics and inorganic nutrients. Modern techniques such as hydroponics and tissue culture were a topic of their interest. The visits to roof top garden, enriched vermicompost production unit, commercial biofertilizer production unit, botanical garden and horticulture garden generated a lot of interest among the participants.

  (Posted on 23 Feb 2024)

बिएयू द्वारा आइसीटी के माध्यम किये गए "परिवर्तन" को मिला राष्ट्रीय पुरुस्कार

 

बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर का कृषि प्रसार तंत्र देश के सबसे उत्कृष्ट आइसीटी तंत्र में से एक है। इसे साबित किया है राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंध संस्थान (मैनेज) द्वारा दिया गया राष्ट्रीय पुरुस्कार। बीयेयू के मीडिया सेंटर द्वारा निर्मित फ़िल्म "परिवर्तन" को आज भारत सरकार के अतरिक्त कृषि सचिव मोo फ़ैयाज़ किदवई और मैनेज के डायरेक्टर जनरल श्री चंद्रशेखर ने पुरुस्कृत किया । इस फ़िल्म मे विश्वाविद्यालय द्वारा आइसीटी के माध्यम से बिहार मे कृषि क्षेत्र में किये गए परिवर्तन कों दिखाया गया है।

कुलपति डॉ. डीo आरo सिंह ने इस मौके पर कहा कि विश्वविद्यालय का आईसीटी मॉडल का लोहा पूरा देश मानता है, परिवर्तन फ़िल्म में दिखाया गया है कि कैसे विश्वविद्यालय ने अपने हाईटेक प्रसार प्रणाली से बिहार के किसानों को त्वरित और सटीक समाधान उपलबध कराया है, इस राष्ट्रीय पुरुस्कार ने एक बार फिर से बीएयू कि उत्कृष्टता सिद्ध की है।

इससे पूर्व भी विश्वविद्यालय कों आइसीटी के लिए राष्ट्रीय ई-गवर्ननेंस अवार्ड, यहाँ से संचालित सामुदायिक रेडियो कों राष्ट्रीय अवार्ड एवं उम्मीद कों राष्ट्रीय पुरुस्कार मिल चूका है। यूजीसी के सीइसी ने भी पराली प्रबंधन पर बनी फ़िल्म कों भी सर्वश्रेष्ठ पुरुस्कार देने की घोषणा की है।

गौरतलब है कि विगत वर्ष भी मैनेज संस्था द्वारा विश्वविद्यालय द्वारा बनायीं गयी ड्रेगन फ़्रूट की खेती पर बनी फ़िल्म को पुरुकृत किया था एवं यूजीसी सीईसी द्वारा "वाटर फॉर टुमारो" को स्क्रीनिंग में प्रमाणित किया था। 

प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ आर के सोहाने ने इस अवसर पर ख़ुशी जाहिर करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का मीडिया सेंटर सफलता का नित्य नए इबारात लिख रहा है, यह राष्ट्रीय पुरुस्कार हमारी प्रसार प्रणाली की उपयोगिता कों सिद्ध करती है।

विश्वविद्यालय की ओर से इस पुरुस्कार कों केंद्रीय भंडार के प्रभारी पदाधिकारी श्री विजय कुमार ने हैदराबाद में ग्रहण किया। इस अवसर पर मीडिया सेंटर प्रभारी डॉ राजेश कुमार मीडिया सेंटर के कर्मियों कों बधाई दी।

  (Posted on 22 Feb 2024)

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में 21 दिवसीय CAFT प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर ने "कृषि विस्तार और अनुसंधान के लिए आईसीटी में विघटनकारी प्रौद्योगिकी का उपयोग" विषय पर 21 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल समापन हो गया । कार्यक्रम, जो कि 1 फरवरी से 21 फरवरी, 2024 तक चला, इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को कृषि की प्रसार के लिए अत्याधुनिक तकनीकों  पर प्रशिक्षित करना था।
21 फरवरी, 2024 को आयोजित समापन समारोह मे प्रतिभागियों ने 21 दिनों के दौरान सीखी गयी विधा कों प्रस्तुत किया । सीखे गए पाठों पर विस्तृत प्रस्तुति के साथ प्रतिभागियों द्वारा प्रदान की गई प्रतिक्रिया बहुत उत्साहजनक थी। असम से आये वैज्ञानिक ने यहाँ पर फ़िल्म निर्माण करना सीखा और स्वं द्वारा बनायीं गयी फ़िल्म कों प्रस्तुत किया। सभी प्रतिभागियों ने रेडियो पर प्रसारण सीखा साथ ही अपना रिकॉर्डिंग भी प्रस्तुत किया। तेलंगाना से आये हुए वैज्ञानिकों ने यहाँ बिताये गए 21 दिन के अनुभव कों साझा किया और बताया कि बीएयू का सूचना एवं संचार तंत्र दक्षिण के राज्यों से बेहतर है।

इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि, सी-डैक, पटना के वरिष्ठ निदेशक डॉ. आदित्य कुमार सिन्हा की गरिमामयी उपस्थिति रही। डॉ. सिन्हा ने कृषि के भविष्य को आकार देने में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) की भूमिका पर जोर देते हुए विघटनकारी प्रौद्योगिकी और कृषि विकास के अंतर्संबंध पर अपनी गहन अंतर्दृष्टि साझा की। उन्होंने बताया कि सीडीएसी सुपर कंप्यूटर विकसित करने वाला देश का पहला संस्थान था, जिसका कृषि में विविध अनुप्रयोग है।
विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह ने कृषि पद्धतियों को बदलने में आईसीटी की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी की दुनिया में हर दिन नई तकनीक सीखने की जरूरत है क्योंकि हर चीज बदल रही है। साथ ही, उन्होंने विस्तार प्रौद्योगिकियों की सफल पहुंच के लिए बाहरी संस्थानों के साथ नए सहयोग विकसित करने पर जोर दिया। माननीय कुलपति ने कहा कि यहाँ से सीखकर आप सभी वैज्ञानिक अपनी संस्थाओं मे इन अनुप्रयोगों कों किसानों के हित मे लागु करें। 
डॉ. आर.के. सोहने,  प्रसार शिक्षा निदेशक ने सभा  को बताया कि देश के आठ अलग-अलग राज्यों से कुल 22 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया।
समापन समारोह प्रतिभागियों के समर्पण और सफल समापन को मान्यता देते हुए एक प्रमाण पत्र वितरण समारोह के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम ने उपस्थित लोगों के बीच अर्जित ज्ञान को अपने संबंधित क्षेत्रों में लागू करने के लिए उत्साह और प्रेरणा की भावना को बढ़ावा दिया, जिससे नवीन और विघटनकारी प्रौद्योगिकियों के माध्यम से कृषि की प्रगति में योगदान दिया जा सके। प्रशिक्षण कार्यक्रम के पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. आदित्य सिन्हा एवं डॉ. सी.के. थे। पांडा, प्रसार शिक्षा विभाग, बीएयू, सबौर। उक्त जानकारी विश्वविद्यालय के जनसम्पर्क अधिकारी डॉ राजेश कुमार ने दी।

  (Posted on 20 Feb 2024)

कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने माननीय मुख्यमंत्री श्री नितीश कुमार को पुष्पगुच्छ भेंट किये साथ ही माननीय मुख्यमंत्री ने बीएयू के नव नियुक्त वैज्ञानिकों को दिया नियुक्ति पत्र 

माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने  आज सचिवालय स्थित 'संवाद' में आयोजित कार्यक्रम में  सांकेतिक रूप से 10 नवनियुक्त सहायक प्राध्यापक सह कनीय वैज्ञानिकों को नियुक्ति प्रमाण पत्र प्रदान किया।  बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, भागलपुर के अधीन 239 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति हुई है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा तथा जल संसाधन सह भवन निर्माण मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी ने भी नवनियुक्त अभ्यर्थियों को सांकेतिक रूप से नियुक्ति पत्र प्रदान किया।

  (Posted on 20 Feb 2024)

 माननीय मुख्यमंत्री ने बीएयू में नवनिर्मित हाईटेक सुविधाओं से युक्त नया सभागार का हुआ उद्घाटन 

14 करोड़ रूपये की लागत से बने बीएयू सबौर का नानिर्मित सभागार 600 लोगों की क्षमता वाला है। दिव्यांग लोगों की सहूलियत कों ध्यान मे रखते हुए इसका निर्माण किया गया है। सभागार में डिजिटल पोडियम, आटोमेटिक कैमरा एवं उच्च क्षमता वाला लाइन-अरे साउंड सिस्टम लगाया गया है। यहाँ सभा कक्ष के अतिरिक्त दो अतिथि कक्ष और एक स्वागत कक्ष बनाया गया है।सभागार मे चल रहे कार्यक्रम कों किसी भी कक्ष से देखा जा सकता है, इसके लिए सभी स्थानों पर टीवी लगायी गयी है। रंग-बिरंगे स्टेज स्टेज लाइट से सुसज्जित यह सभागार संस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के मुताबिक भी डिजाइन की गयी है। पूरा सभागार केंद्रिकृत वातानुकूलित है। यहाँ आयोजित होने वाले किसी भी कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग स्वतः हो सकती है साथ ही सभी सोशल मिडिया प्लेटफॉर्म पर सीधा प्रसारण किया जा सकता है। उद्घाटन के मद्देनज़र सभागार को फूलों एवं रंग-बिरंगे रौशनी से सुसज्जित किया गया है। माननीय मुख्यमंत्री द्वारा उद्घाटन के उपरांत अब यह सभागार सुचारु हो गया है। 
इस मौके पर उप मुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन सह भवन निर्माण मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री आमिर सुबहानी, कृषि विभाग के सचिव श्री संजय कुमार अग्रवाल, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, मुख्यमंत्री सचिवालय के विशेष सचिव श्री चंद्रशेखर सिंह, बिहार कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ० डी०आर० सिंह सहित कृषि विभाग के पदाधिकारीगण/कर्मीगण, नवनियुक्त अभ्यर्थीगण अभाषिक रूप से जुड़े रहे।

  (Posted on 18 Feb 2024)

किसान मेले के दूसरे दिन भारी संख्या में उमड़े किसान और कृषि प्रेमी

 

किसान मेले के दूसरे दिन बड़ी संख्या में स्थानीय और पूरे राज्य से आए हुए किसानों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया। मेला देखने का उत्साह इस कदर था कि पूरा विश्वविद्यालय परिसर शाम होते-होते किसानों और कृषि मे रूचि रखने वाले लोगों से पट गया। मेला घूमने वाले विभिन्न कंपनियों के स्टॉल से नए किस्म के फसलों और कृषि के नई तकनिकों के बारे मे जानकारी लेते नज़र आये। विश्वविद्यालय के परिक्षेत्र में लगे फसलों का जिवंत प्रदर्शन किया गया है जिसका किसानों द्वारा बड़े ही कौतुहालता पूर्वक देखा जा रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र के समेकित कृषि प्रणाली को देखने मे किसान खूब रूचि लेते दिखे।

 

 *पशु प्रदर्शनी रहा आकर्षण का केंद्र* :

 

आज के दिन मेले की शुरुआत पशु प्रदर्शनी से हुई। तरह-तरह के पालतू पशु इस पशु प्रदर्शनी में देखने को मिले। छोटे से लेकर बड़े पशुओं तक मेला देखने वालों के बीच आकर्षण के केंद्र बने रहे। छोटे पशु पक्षियों में मुख्य रूप से कबूतर जाति की पक्षी आकर्षण का केंद्र रहा। इसके साथ ही विभिन्न प्रकार के कुत्ते और बकरियों के नस्ल लोगों को खूब आकर्षित किया। इस पशु प्रदर्शनी में देसी नस्ल के गाय खूब देखने को मिले वहीं भैंस की अच्छी प्रजातियों ने भी मेला देखने वाले को अपनी ओर खींचा। कुल मिलाकर विभिन्न प्रजाति के पशुओं की संख्या मेले में 175 रही। मेले के दौरान किसानों को पशुओं का अवलोकन करने के लिए भागलपुर के जिला पशुपालन पदाधिकारी पशु चिकित्सकों के साथ मौजूद रहे। पशु मेला का उद्घाटन बिहार कृषि विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉक्टर डॉ डी. आर. सिंह और पूर्णिया विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉक्टर राजनाथ यादव ने किया। कुत्तों के प्रमुख नस्लों में जर्मन शेफर्ड, साइबेरिया वुल्फ, लेब्रा डॉग, पल्मेरियन इत्यादि प्रमुख रहे वहीं बकारीयों मे जमुना परी और बारबरी नस्ल की बकारीयों ने आकर्षित किया। देसी गाय कि नस्लों में साहीवाल और गीर ने मन को मोह लिया। इसके अलावा पछियों में कबूतर, बटेर और कड़क नाथ मुर्गा भी पशु प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खिंचा। बच्चों ने खरगोश के साथ भी मनोरंजन किया। 

 बेहतरीन पशुओं को पुरस्कृत भी किया गया जिसमें भैंस के लिए प्रथम पुरस्कार मंटू यादव को, गाय मे शंकर नस्ल के लिए प्रथम पुरस्कार अमित कुमार को, बकरी के लिए प्रथम पुरस्कार रिहाना खातून को बकरा के लिए प्रथम पुरस्कार मोहम्मद राजा अहमद को, बकरी की उन्नत नस्ल का प्रथम पुरस्कार विशाल कुमार को, मुर्गा के लिए प्रथम पुरस्कार मोहम्मद आसिफ आरिफ को, बत्तख के लिए प्रथम पुरस्कार मोहम्मद अंसार को, और कुत्ता में बड़ा नस्ल के लिए प्रथम पुरस्कार राहुल भारद्वाज को और मध्यम आकार के लिए रवि कुमार के कुत्ते को पुरस्कृत किया गया वहीं छोटे नस्ल के नर और मादा के लिए आदर्श कुमार को पुरस्कृत किया गया।

 

 *कार्यशाला का हुआ आयोजन* : 

 

 "तकनीक आधारित खेती से आत्मनिर्भर किसान" विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन जिसका उद्घाटन माननीय कुलपति बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर डॉक्टर डॉ डीo आरo सिंह और माननीय कुलपति पूर्णिया विश्वविद्यालय डॉक्टर राजनाथ यादव ने संयुक्त रूप से किया। विश्वविद्यालय के प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ आर सुहाने ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। पूर्णिया विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉक्टर राजनाथ यादव ने स्वदेशी के साथ-साथ आधुनिक तकनीक से भी खेती करने के लिए किसानों को सलाह दिया, उन्होंने कृषि में जेनेटिक इंजीनियरिंग के महत्व पर प्रकाश डाला। बिहार कृषि विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉक्टर डॉ डीo आरo सिंह ने कहा कि सिर्फ प्रयोगशाला से खेत तक हम सीमित नहीं रहेंगे बल्कि आज जरूरी है कि खेत से वापस प्रयोगशाला को भी जोड़ा जाए। इसी क्रम में माननीय कुलपति ने समस्तीपुर के नवाचारी किसान श्री सुधांशु कुमार के खेतों का भ्रमण करने के लिए छात्रों और सभी वैज्ञानिकों को सलाह दी। कुलपति ने कहा कि हमें पारंपरिक तकनीक को भी पुनः स्थापित करने की आवश्यकता है हमें अपने धरोहर को बचाने की आवश्यकता है। विश्वविद्यालय अपनी जी आई फसलों को पुनः संरक्षित करने के लिए शोध ब्रांडिंग और पैकेजिंग करने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा की खेती को बचाना और खेती को बढ़ाना युवाओं के समक्ष आज एक चुनौती है। इस मंच से माननीय कुलपति ने स्व निर्मित फूलों के रंगों से ही होली खेलने का आह्वान किया साथ ही घोषणा की कि विश्वविद्यालय के सभी कर्मी और वैज्ञानिक फूलों से ही स्वयं रंग बनाकर होली खेलेंगे। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा सिंदूर के पौधों का टिश्यू कल्चर द्वारा उत्कृष्ट पौधा बनाए जाने की जानकारी दी। उद्घाटन सत्र मे विश्वविद्यालय के सभी अधिष्ठाता, निदेशक और वैज्ञानिकों के अलावा सभी कृषि विज्ञान केंद्रों के प्रधान एवं वैज्ञानिक शामिल हुए। धन्यवाद ज्ञापन सह निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ आर एन सिंह ने किया।

 

 *खेती से चार करोड़ सालाना टर्न-ओवर वाले किसान सुधांशु ने किसानों को किया सम्बोधित:* 

 

 समस्तीपुर के नवाचारी किसान श्री सुधांशु कुमार ने इस कार्यशाला में किसानों को संबोधित करते हुए अपने अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि बेहतर स्कूलिंग और प्रोफेशनल डिग्री करने के बाद भी वह पिछले 34 साल से खेती कर रहे हैँ। मुख्य तौर पर सुधांशु हाईटेक हॉर्टिकल्चर पर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को अब जरूरत है कि पारंपरिक खेती से अलग हटकर नए जमाने की खेती करने की आवश्यकता है। उन्होंने अपने बारे में बताया कि वह समस्तीपुर में ड्रेगन फ़्रूट, लीची, स्ट्रॉबेरी, मौसमी, अनार, शरीफा, आम, केला, संतरा इत्यादि की खेती हाईटेक तरीके से कर रहे हैं। सुधांशु ने बताया कि वे प्रति बीघा साढ़े तीन लख रुपए की आमदनी कर रहे हैं। उनकी खेती लीक से अलग हटकर है और उनके खेतोँ मे पूरी तरह से ऑटोमेटिक कार्य होता है। उनके खेतों में फाइबर ऑप्टिक वाई-फाई सीसीटीवी लगी हुई है। वह यहां से भी बैठकर अपने खेतों की निगरानी कर सकते हैं और खेतों में जरूरत पड़ने पर कहीं से भी अपने मोबाइल से स्प्रिंकलर या ड्रिप इरीगेशन के सिस्टम को ऑन कर सकते हैं।

इस आशय की जानकारी विश्वविद्यालय के जनसम्पर्क अधिकारी डॉ राजेश कुमार ने दी।

  (Posted on 17 Feb 2024)

बीएयू सबौर में शुरू हुआ किसान मेला

तीन दिनों तक चलने वाला राज्य के सबसे लोकप्रिय किसान मेला का शुभारम्भ आज दिनांक 17.02,2023 को बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर, भागलपुर में हुआ | इस मेले का उद्घाटन बिहार सरकार के माननीय मंत्री ग्रामीण विकास श्री श्रवन कुमार ने किया | बिहार कृषि विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉ डी आर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुए उद्घाटन सत्र में भागलपुर के सांसद श्री अजय मंडल, गोपालपुर के विधायक श्री गोपाल मंडल, सुल्तानगंज के विधायक श्री ललित नारायण मंडल, नाथनगर विधायक अली असरफ सिद्दकी, बिहारी गंज के विधायक श्री निरंजन कुमार मेहता, तारापुर के विधायक श्री राजीव कुमार सिंह के अलावा अन्य गण्यमान अतिथि उपस्थित रहे | मेले के पहले दिन पुरे बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश और झारखण्ड के दस हजार से अधिक किसानों ने हिस्सा लिया जिमें छः हजार किसानिन ने शुल्क देकर अपना निबंधन भी करवाया |

इस मौके पर सभी अतिथियों ने परिसर में लगे सौ से अधिक स्टालों का भ्रमण किया | यहाँ लगे स्टालों पर कृषि के नवीनतम तकनीकों के अलावा नयी किस्मों को प्रदर्शित की गयी है | उद्यान प्रदर्शनी में तरह-तरह के फल जैसे आम, ड्रैगन फ्रूट, काला अंगूर, लाल अंगूर इत्यादि फलों की प्रदर्शनी लगायी गयी है वहीँ सब्जियों में पिला गोभी, बैंगनी गोभी सात किलो का मुली पच्चीस किलो का कद्दू इत्यादि के अलावा आकर्षक फूलों की प्रद्रशनी भी लगायी गयी है | 

इस बार के मेले का विषय “तकनीकी आधारित खेती से आत्मनिर्भर किसान” पर केन्द्रित है | उद्घाटन सत्र में बोलते हुए माननीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार ने कहा कि भले ही यह मेला तीन दिनों का ही हो रहा है लेकिन किसान अगर यहाँ से प्रदर्शित तकनीकी को सीखकर जा रहे हैं तो निश्चित ही उनके लिए जीवन भर फायदा होगा | आगे उन्हों कहा कि बिहार पुरे देश में सबसे अधिक विकास दर हासिल करने वाला राज्य बना तो आप सभी किसानों के ही बदौलत | माननीय मंत्री ने बिहार कृषि विश्वविद्यालय के शोध कार्यों की प्रसंशा की और कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के सोच को बीएयू ने साकार किया है और नयी तकनीकी और किस्मों का इजाद कर किसानों को दिया है जो आज उनकी खेतों में लहलहा रहे हैं | विश्वविद्यालय के प्रसार के क्षेत्र में किये गये प्रयासों की भी सराहना की | माननीय मंत्री ने कहा की आज पूरी दुनिया में प्रतिस्पर्धा है और हमें बराबरी पर आना है तो वैज्ञानिकों के बताये गए तकनीकों को अपनाना ही होगा | 

अपने अध्यक्षीय भाषण में विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉ डी० आर० सिंह ने कहा कि यहाँ आये हुए किसान यहाँ से देख और सीख कर अपने गांवों और कस्वों में जाएँ तो अन्य किसान बंधुओं को भी नवीन तकनीकों के बारे में जरुर बताएं | माननीय कुलपति ने कहा कि हमारा विश्वविद्यालय जब भी शोध करती है तो छोटे और मंझोले किसानों के हितों को ध्यान में रख कर करती है, हमारा लक्ष्य है तकनीकी आधारित खेती और युवाओं को वैज्ञानिक खेती के लिए प्रेरित और प्रशिक्षित करना | 

गोपालपुर के माननीय विधयक ने विश्वविद्यालय के कुलपति के कार्यों की जमकर सराहना की | इससे पूर्व सभी माननीय अतिथियों को स्वागत किया गया, प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ आर० के० सोहाने ने स्वागत भाषण दिया एवं निदेशक शोध डॉ ए० के० सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन दिया |

 

 नवाचारी किसानों को किया गया सम्मानित :

इस अवसर पर कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कर करने वाले नव्चारी किसानों को अंगवस्त्र ओढ़कर एवं प्रसस्ती पत्र देकर माननीय ग्रामीण विकास मंत्री द्वारा सम्मानित किया गया | 

 *इन किसानों को किया गया सम्मानित* 

पूर्वी चंपारण के किसान : दुर्गा सिंह 

भागलपुर के किसान : अमित कौशिक 

भोजपुर के किसान : अभिमन्यु कुमार सिंह 

रोहतास के किसान : प्रेमचंद्र कुमार पटेल 

बक्सर के किसान : जय प्रकाश सिंह 

औरंगाबाद के किसान : श्री विनय कुमार 

शेखपुरा के किसान : मधूमिता कुमारी 

कटिहार के किसान : कुमारी प्रीती 

राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किसान श्री सत्यदेव सिंह को भी इस मेले में सम्मानित किया गया |

 

 *अनुकम्पा पर दिया गया नियुक्ति पत्र* :  

इस मौके पर माननीय मंत्री श्री श्रवन कुमार ने कर्मियों के असामयिक मृत्यु के उपरांत आश्रितों को अनुकम्पा के अधर पर नियुक्ति पत्र प्रदान किया |

 

 *कृषि कैलेण्डर और अन्य प्रकाशनों का लोकार्पण* : इस मौके पर गण्यमान अतिथियों द्वारा वार्षिक कृषि कैलेण्डर और कृषि की कहवतें पुस्तकों का लोकार्पण भी किया गया | एक किसान श्री कृष्ण मुरारी सिंह द्वारा लिखित पुस्तक “ऋषियों की कृषि संस्कृति” का भी लोकार्पण हुआ |

 

 *“नयी सोच और नई खोज”* : मेले में विश्वविद्यालय के अन्य इकायों जैसे कृषि महाविद्यालय और कृषि विज्ञानं केन्द्रों द्वारा लगाये गये विभिन्न स्टाल को नयी सोच और नयी खोज पर आधारित थीम पर बनाया गया है, जिसके प्रति युवाओं ने खूब रूचि दिखाई | 

 *सांस्कृतिक संध्या का आयोजन* : मेले की शाम में विश्वविद्यालय के छात्र-छात्रों द्वारा सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया | जिसके अन्तरगत नृत्य और गायन के अतिरिक्त बिहार की विभिन्न लोक कलाओं को भी प्रस्तुत किया गया, जिसे दखकर अगतुक किसान मंत्रमुग्ध हो गये |

  (Posted on 16 Feb 2024)

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के रूफ टॉप गार्डन का उदघाटन 

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के रूफ टॉप गार्डन का उदघाटन दिनांक  16 फरवरी को माननीय कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह द्वारा किया गया। इस मौके पर निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. आर. के. सोहाने, निदेशक शोध डॉ. ए. के. सिंह, अधिष्ठाता परास्नातक डॉ. आर. पी. शर्मा, बिहार कृषि महाविद्यालय के प्राचार्य डा. एस. एन. राय, जेब प्राद्योगिकी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एन. चट्टोपाध्याय, तथा कृषि वाणिकी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एम. के. वाधवानी, सभी विभागों के अध्यक्ष तथा पी. आर. ओ. डॉ. राजेश कुमार एवं अन्य वैज्ञानिक मौजूद थे।
इस उपलक्ष पर माननीय कुलपति ने तुलसी के पौध का रोपण, तथा पालक के पहली तुड़ाई किए। रूफ टॉप गार्डन में सब्जी, फल, फूल एवं औषधीय पौधे लगे हुए है। 
शहरी विकास के साथ छत पर बागवानी की अहम भूमिका पर चर्चा हुई।

  (Posted on 16 Feb 2024)

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के केंद्रीय पुस्तकालय में बसंत पंचमी के अवसर पर माननीय कुलपति डॉ डी आर सिंह द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा का अनावरण किया गया ।

  (Posted on 07 Feb 2024)

National Seminar on Maize Production Technology

Perspective for Income and Employment Generation (MPTPIEG-2024) organized at BPSAC, Purnia in collaboration with BISA, Pusa, Bihar and Dhanuka Agritech Ltd. The event was presided over by Dr. D R Singh, Vice Chancellor ,Bihar Agricultural University, Sabour. The inaugural session began with the lighting of the lamp by the dignitaries in the presence of the scientific community and the progressive farmers of the region. Dr. D R Singh, in his presidential address delivered in virtual mode emphasized on increasing the production and productivity of maize with a special attention to increase the income of the farmers.

  (Posted on 03 Feb 2024)

BAU में आठ राज्यों के साठ वैज्ञानिक लेंगे आई सी टी के ज्ञान

कृषि विस्तार और अनुसंधान के लिए आईटीसी में प्रभावशाली प्रौद्योगिकी का उपयोग’ विषय पर आईसीएआर प्रायोजित CAFT प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर में किया गया। इस अवसर पर रजिस्ट्रार डॉ. एम हक ने डॉ. आरपी शर्मा, डीआरआई सह डीन पीजीएस, बीएयू , डॉ. ए.के. साह, डीन (कृषि), डॉ. ए.के. सिंह, निदेशक अनुसंधान, बीएयू सबौर, डॉ. मोहम्मद फेज़ा अहमद, डॉ. एस.एन. रॉय, एसोसिएट डीन सह प्राचार्य, बीएसी, सबौर, की गरिमामयी उपस्थिति रही।

इस इक्कीस दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम में कुल 22 वैज्ञानिक प्रशिक्षण लेंगे। तेलंगाना, राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम और बिहार सहित कुल आठ राज्यों के वैज्ञानिक सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) में प्रभावशाली प्रौद्योगिकियों पर प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। माननीय कुलपति डॉ डी आर सिंह, माननीय कुलपति मानते हैँ कि बीएयू सबौर कृषि के क्षेत्र में आई सी टी प्रयोग में वैश्विक स्तर पर अग्रणी स्थान रखता है अतः भारतीय कृषि अनुसन्धान केंद्र नई दिल्ली यहाँ पुरे देश भर के वैज्ञानको को यहाँ प्रशिक्षण लेने के लिए भेजती है।

गौरतलब है कि विश्वविद्यालय द्वारा ड्रोन प्रौद्योगिकी, तकनीकी फिल्म निर्माण और किसानों के लिए एआई-आधारित सलाहकार सेवाओं सहित कई प्रभावशाली तकनीकों को बखूबी प्रयोग कर रही है और न सिर्फ अपने देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर यहाँ के हाई टेक कार्यों की सराहना होती है। विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि यह प्रशिक्षण विस्तार और अनुसंधान के लिए आईसीटी उपकरण सीखने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।

  (Posted on 01 Feb 2024)

Brainstorming cum interactive session organized by ISSS, Sabour Chapter

The Sabour Chapter of ISSS and Department of Soil Science and Agricultural Chemistry organized a brainstorming cum interactive session on ‘Soil Survey and Land Use Planning: Research Advances and Future Scope” chaired by Dr Krishnendu Das, Former Head, ICAR- National Bureau of Soil Survey and Land Use Planning (ICAR-NBSS&LUP) Regional Centre, Kolkata on 31st January, 2024 at 4:00 PM in the Conference Hall of SSAC. Identification of problem, project planning, funding opportunities and inter-disciplinary team formation were focal area of discussion. There were lively interactions among faculty, students and expert. Earlier, Dr Anshuman Kohli, Chairman, SSAC & CSSO welcomed Dr Krishnendu Das with flower bouquet. Dr Nintu Mandal, Secretary, ISSS, Sabour chapter coordinated the session whereas vote of thanks was delivered by Dr. Kasturika Sen Beura, Treasurer, ISSS, Sabour chapter. 

  (Posted on 29 Jan 2024)

गणतंत्र दिवस समारोह में बेहतरीन झांकी प्रदर्शनी के लिए कृषि विज्ञान केंद्र सबौर को मिला प्रथम पुरुस्कार

 

75वें गणतंत्र दिवस समारोह के आवास पर माननीय कुलपति बिहार कृषि विश्वविद्यालय द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र सबौर को सर्वश्रेष्ठ झांकी प्रदर्शनी के लिए सम्मानित किया। कृषि विज्ञान केंद्र सबौर द्वारा प्राकृतिक खेती और इसके महत्व को दर्शाते हुए एक बेहतरीन झांकी प्रस्तुत की गयी। झांकी में देसी गाय पालन, गोमूत्र और गोबर के प्रयोग से जैविक खेती को दर्शाया गया। केंद्र के रावे विद्यार्थियों द्वारा एक संगीतमय और मोनो एक्ट की प्रस्तुती द्वारा प्राकृतिक खेती के तरीकों एवं महत्व को बताया गया। गौरतलब है कि कृषि विज्ञान केंद्र सबौर द्वारा प्रकृतिक खेती को बढ़ावा देने हेतु परियोजना भी संचालित की जा रही है साथ ही केंद्र पर देसी गाय पालन भी सफलता पूर्वक की जाती है। इस उपलब्धि पर केंद्र के सभी कर्मियों हर्षोल्लास व्याप्त रहा। केंद्र के प्रमुख डॉ राजेश कुमार ने सभी कर्मियों और रावे विद्यार्थियों को बधाई दी।

  (Posted on 22 Jan 2024)

Place visited in Trekking Camp -

1) Aizwal zoological park 20 km from camp location 

 2) Solomon temple 

 3) Helipad

 4) Mizoram University

 *Lecture attend* - 1) Mizo language basic .

2) Unexplored Mizoram nd it's importance..

 *State participate in treking camp - Bihar and Jharkhand directorate, North East state, Arunachal Pradesh, Assam, Manipur, Meghalaya, Mizoram, Nagaland and Tripura , Rajasthan, West Bengal nd Sikkim directorate, Odisha directorate,

  Cultural activities - Bihar and Jharkhand director winner 🏆, program given on national integration ( Unity in diverse culture nd caste in India) which is one of the aim of NCC participants BAC student Santosh Kumar, Madan Mohan, Monu Kumar Manas Kumar , rishabh kumar , sachin kumar, nihal Kumar ,, nd also know the tradition nd rich culture of mizoram nd different State.. presentation given on Bihar and Jharkhand directorate by BAC student Madan Mohan..

  (Posted on 14 Jan 2024)

 सबौर मे क्रिकेट लीग टूर्नामेंट का हुआ आगाज़

 

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के परिसर में आयोजित क्रिकेट लीग प्रतियोगिता 2024 का उद्घाटन आज दिनांक 13.01.2024 को माननीय कुलपति महोदय, डॉ० डी आर सिंह द्वारा विधिवत शुभांरभ स्वयं बैटिंग करके किया गया। सभी प्रतिभागियों को निष्ठा और अनुशासन पूर्वक खेलने की शपथ दिलायी गई। उद्घाटन समारोह में निदेशक छात्र-कल्याण डॉ आर. के. सोहाने ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और अगले पाँच दिनों के क्रिकेट प्रतियोगिता 2024 के लिए शुभकामनाऐं दी। माननीय कुलपति ने प्रतिभागियों को तन्मयता से सभी प्रतियोगिताओं में भाग लेने को कहा और विश्वविद्यालय का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रौशन करने को कहा। माननीय कुलपति ने अपने संबोधन में कहा कि खेल-कूद हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए, पढाई के साथ-साथ आपके सर्वांगीण विकास के लिए खेल में अव्वल रहना बहुत जरूरी है। इस कड़ी में माननीय कुलपति ने बिहार के महान खिलाड़ियों के योगदानों को याद किया एंव प्रतिभागियों को उनसे प्रेररणा लेने की बात कही।

 

क्रिकेट टूर्नामेंट के पहले दिन का शुभारंभ बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर के (स्नातक) यू.जी. छात्रों बनाम पी जी (स्नातकोत्तर) छात्रों के बीच खेला गया। जिसमें पी.जी. (स्नातकोत्तर) छात्रों द्वारा टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 10 ओवर में 157 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी यूजी (स्नातक) छात्रों की पूरी टीम 107 रन बनाकर आलआउट हो गई। आर्यन राज को श्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गये।

 

वहीं आज के दूसरे मैच में बी.ए.यू. सबौर के फैकल्टी (शिक्षक / वैज्ञानिक) और एडमिनिस्ट्रेशन कर्मचारियों के बीच का मुकाबला हुआ, जिसमें विश्वविद्यालय प्रशासन टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 10 ओवर में 99 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी फैकल्टी (शिक्षक / वैज्ञानिक) टीमों द्वारा निर्धारित 10 ओवर में 75 रन बना पाई। विश्वविद्यालय प्रशासन टीम 25 रन से विजय धोषित किये गये। इस मैच में संदीप कुमार को टीम का खिलाड़ी श्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गये।

 

अगला मैच कल रविवार को आयोजित की जायेगी, जिसमें तीन मैच कराया जायेगा।

 

कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय अधिष्ठाता स्नातकोत्तर, निदेशक छात्र एवं कल्याण, निदेशक कार्य एवं संयंत्र, कुलसचिव, निदेशक बीज एवं प्रक्षेत्र, सभी विभागाध्यक्ष, पीआरओ, वैज्ञानिक एवं छात्र-छात्राएं मौजूद थे ।

  (Posted on 05 Jan 2024)

नव नियुक्त वैज्ञानिकों के प्रभावशालि शिक्षण, शोध और प्रसार हेतु पांच दिवसीय कार्यशाला का शुभारम्भ 

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में पांच दिवसीय कार्यशाला का उदघाटन आज दिनांक 05.01.2024 को माननीय कुलपति महोदय डॉ डी. आर. सिंह, के द्वारा किया गया. उपरोक्त कार्यशाला का विषय प्रभावशालि शिक्षण, अर्थपूर्ण शोध एवं प्रसार है. इस कार्यशाला का उद्देश नव नियुक्त प्रध्याय्पक सह कनीय वैज्ञानिकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, शोध व् प्रसार कार्य में अभिविन्यास करना है . इस कार्यशाला में कुल 27 नव नियुक्त वैज्ञानिकों ने भाग ले रहे हैं. कार्यशाला के उदघाटन के दिन मुख्य अतिथि व वक्ता प्रो. जगदीश प्रसाद, पूर्व प्रधान वैज्ञानिक, राष्ट्रीय मिट्टी सर्वेक्षण ब्यूरो, नागपुर, अधिष्ठाता कृषि, निदेशक प्रसार शिक्षा, अधिष्ठाता स्नातकोत्तर, प्राचार्य, बिहार कृषि महाविद्यालय, सबौर, भागलपुर ने नव नियुक्त वैज्ञानिकों को प्रभावशालि शिक्षण, शोध और प्रसार कार्य के लिए गुण मंत्र प्रदान करने के साथ- साथ उनके उज्जवल भविष्य की कमाना की. माननीय कुलपति महोदय ने अपने संबोधन में समय प्रबंधन पर बल देते हुए उन्होंने बताया प्रत्येक वैज्ञानिको को अपने लक्ष्य को केन्द्रित करते हुये कार्यो का निष्पादन करना चाहिए. वैज्ञानिकों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षण हेतु मुलभुत पुस्तकों को अध्ययन कर पढ़ाने का अभ्यास कर ना चाहिए जबकि अर्थपूर्ण शोध हेतु राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रकाशित शोध पत्रों का समीक्षात्मक अध्ययन करना चाहिए. किसानों के बीच कुशल प्रसार कार्यकर्त्ता के रूप में प्रशिक्षण देने हेतु सभी विषयों पर अनुभव होना

चाहिए. इस मौके पर विभिन्न विभागों के अध्यक्ष, कार्यशाला के संयोजक डॉ एन. चट्टोपाध्याय, विभागाध्यक्ष डॉ अंशुमान कोहली एवं अन्य वरीय वैज्ञानिकों उपस्थित थे. उदघाटन सत्र के अंत में आयोजन सचिव डॉ सुनील कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किये.

  (Posted on 04 Jan 2024)

नवनिर्मित केन्द्रीय पुस्तकालय, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के इ-लाइब्रेरी का शुभारंभ (Opening) आज दिनांक 04 जनवरी 2024 को शाम 5 बजे माननीय कुलपति महोदय   डा0 डी0 आर0 सिंह के कर कमलों द्वारा किया गया। कुलपति ने छात्रों का आह्वान करते हुए कहा कि छात्र नियमित रूप से लाइब्रेरी में अध्ययन करें तथा Computer पर Cera apps का प्रयोग नियमित रूप से करें तथा e-Library से Video Lectures का भी उपयोग नियमित रूप से कर सकते है। उपरोक्त अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता कृषि, अधिष्ठाता स्नातकोत्तर, निदेशक अनुसंधान, निदेशक बीज एवं प्रक्षेत्र, निदेशक कार्य एवं संयंत्र, निदेशक प्रशासन, निदेशक प्रसार शिक्षा, कुलसचिव, नियंत्रक, प्राचार्य सहित सभी विभाग के विभागाध्यक्ष, छात्र-छात्राएं एवं पुस्तकालय के सभी कर्मी उपस्थित थे। पुस्तकालय के e-Library में वत्र्तमान में 42 कम्प्यूटर सिस्टम Internet के साथ उपलब्ध है। इसके शुभारंभ से विधार्थियों, शिक्षकों एवं शोधकत्र्ता को लगभग e-Journals, 5000 e-Books, लाखों में e-Thesis की online सुविधा का लाभ मिलेगा। वत्र्तमान में पुस्तकालय में 8 Wi-Fi System भी उपलब्ध है। केन्द्रीय पुस्तकालय का त्थ्प्क्RFID System & Technology के Automation का कार्य किया गया है। इसमें Centralized AC एवं Lift की सुविधा उपलब्ध है।

  (Posted on 02 Jan 2024)

Courtesy Meet with Chancellor on the New Year

Vice Chancellor met Honourable Chancellor to seek blessings on New Year. He extended new year greetings and presented him the copy of patents acquired by the university and citizen charter of the university. He also updated him about submissions of NAAC SSR and NIRF Ranking.

  (Posted on 22 Dec 2023)

 बीएयू में अन्तर महाविद्यालय खेल-कूद एवं सांस्कृतिक समागम 2023 का शानदार समापन 

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के परिसर में आयोजित अन्तर महाविद्यालय खेल-कूद एवं सांस्कृतिक समागम 2023 का आज शानदार समापन हो गया | नौ महाविद्यालयों की टीमों में जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखी गयी | नौ महाविद्यालयों से 10 टीम की कुल प्रतिभागियों की संख्या 394 था जिसमें 149 छात्राएं तथा 245 छात्रों की भागीदारी रही । इसके बावजूद खेल भावना की कोई कमी नहीं रही | गौरतलब है कि इतने बड़े स्तर पर इस वार्षिक आयोजन सफल आयोजन किया गया | यहाँ से गोल्ड मैडल प्राप्त खिलाडी भारतीय कृषि अनुसन्धान द्वारा आयोजित राष्ट्रीय खेलों में बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगे | 

 सांस्कृतिक प्रतियोगिता में पैरों की थिरकन नें ठण्ड की ठिठुरन को किया कम 

खेल प्रतियोगिताएं के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम की छंटा से सबौर परिसर पूरी तरह सराबोर हो गया | प्रतिभागियों की पैरों की थिरकन ने ठण्ड की ठिठुरन को कम कर दिया |सांस्कृतिक प्रतियोगिता में लोक नृत्यों जैसे कजरी, ठुमरी, जट-जटिन और झिझिया से मंच सजा वहीँ फ़िल्मी और क्लासिकल नृत्यों की भी धूम रही | एकांकी नाटक से प्रतिभागियों ने मन मोहा तो वहीँ लघु नाटिका के अंतर्गत बीएसी के विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता आन्दोलन में तिलका मांझी के योगदानों का मंचन कर लोगों का मन मोह लिया |  

 बीएसी (स्नातकोत्तर) रहा चैम्पियन : 

अंतिम चैंपियनशिप में प्रथम स्थान बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर) कुल 71 अंको (08 स्वर्ण, 7 रजत एवं 05 कांस्य पदक) के साथ चैम्पियन महाविद्यालय रहा । दुसरे स्थान पर 60 अंकों (6 स्वर्ण, 8 रजत एवं 03 कांस्य पदक) के साथ वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमरॉव (बक्सर), तीसरे स्थान पर 42 अंकों (05 स्वर्ण, 03 रजत एवं 04 कांस्य पदक) के साथ बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातक) विजेता रहे। विश्वविद्यालय के सबसे तेज धावक एवं धाविका सुधांशु राज वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमरॉव (बक्सर) एवं लड़कियों में सुप्रिया कुमारी, बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातक छात्रा) रही ।
उच्ची और लम्बी कूद सुप्रिया ने मारी बाजी लड़कों में संदीप भी रहे प्रथम : 
उच्ची कूद में लड़की समूह से सुप्रिया कुमारी, बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातक छात्रा), नेहा रानी शाक्या एवं सोनाक्षी राज क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रही, लड़को में संदीप कुमार बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर) ऋषिकेश कुमार सिंह, बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर) अंकित सिंह भोला पासवान शास्त्री कृषि कॉलेज पूर्णिया क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रहे ।
लम्बी कूद में लड़की समूह से सुप्रिया कुमारी बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातक छात्रा), कौशिकी सिंह डॉ० कलाम कृषि महाविद्यालय, किशनगंज, प्रिया भारती उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय, क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रही, लड़को में संदीप कुमार कुमारी बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातक छात्र), गोल्डन कुमार, कृषि अभियंत्रण महाविद्यालय आरा तथा रौशन कुमार उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय, क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रहे।

 गोला फेंक में आरती और गोपाल रहे चैम्पियन

गोला फेंक में लड़की से आरती कुमारी डॉ० कलाम कृषि महाविद्यालय, किशनगंज, निशु प्रिया बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर), रिया राज भोला पासवान शास्त्री कृषि कॉलेज पूर्णिया क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रही, वही लड़को में गोपाल कुमार बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर) सुधांशु राज वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमरॉव (बक्सर), यशवंत कुमार, वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमरॉव (बक्सर) क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रहे।

 चक्का फेंक में मोनीका और सुमन प्रथम : 

चक्का फेंक में लड़की से मोनीका कुमारी मंडन भारती कृषि कॉलेज, सहरसा, भव्या बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर), निशु प्रिया बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर), क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रही। वही लड़को में सुमन कुमार बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर) सुधांशु राज वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमरॉव (बक्सर), रवि शंकर बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातक छात्र), क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रहे।

 भाला फेंक में निशु और प्रताप रहे विजेता : 

भाला फेंक में लड़की से निशु प्रिया बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर), श्रेया सिंह बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर), कनिका झा वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमरॉव (बक्सर) क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रही। लडको में सुधांशु राज वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमरॉव (बक्सर), मदन मोहन बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातक) दिपक चौधरी बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर) क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रहे।

 दौड़ में नविन और अंकिता श्रेष्ठ धावक : 

1500 मीटर दौड़ में लड़को में नवीन कुमार, वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमरॉव (बक्सर) प्रताप कुमार, कृषि अभियंत्रण महाविद्यालय आरा, ऋषिकेश कुमार सिंह, बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर) क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रहे।

800 मीटर दौड़ में लड़की से अंकिता कृषि जैव प्रौधोगिकी महाविद्यालय, सबौर, प्रिया उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय, प्रीति कुमारी वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमरॉव (बक्सर) क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रही, लडको में नवीन कुमार, वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमराँव (बक्सर) नुनु कुमार वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमराँव, उमेश रॉय बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातक) क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रहे।

100 मीटर दौड़ में लड़की से रूपरेखा वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमरॉव, रूबी कुमारी डॉ० कलाम कृषि महाविद्यालय, किशनगंज, श्रेया प्रगती उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय, क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रही, लडको में गोपाल कुमार बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर), जयंत पतवारी डॉ० कलाम कृषि महाविद्यालय, किशनगंज, कमलेश राम बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर) क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रहे।

200 मीटर दौड़ में लड़की से रूबी कुमारी डॉ० कलाम कृषि महाविद्यालय, किशनगंज, रूप रेखा वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमराँव, रूबी कुमारी बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर), क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रही, लडको में रोहन कुमार उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय, नुनु कुमार वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमराँव, निलेश कुमार भोला पासवान शास्त्री कृषि कॉलेज पूर्णिया, क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रहे।

400 मीटर दौड़ में लड़की से प्रिया भारती उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय, प्रीति कुमारी वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमराँव, सुमेधा प्रियदर्शी बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातक) क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रही, लडको में नुनु कुमार वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमराँव, कमलेश बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर), सुरज कुमार बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातक) क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रहें।
4 X 100 मीटर रिलें दौड़ में लड़की से प्रथम स्थान कृषि जैव प्रौधोगिकी महाविद्यालय, सबौर द्वित्तीय स्थान वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमराँव, तृतीय स्थान पर उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय विजेय रहे। लडकों से रिलें दौड़ में प्रथम स्थान उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय द्वित्तीय स्थान बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर), तृतीय स्थान पर कृषि जैव प्रौधोगिकी महाविद्यालय, सबौर विजेय रहे।

 सांस्कृतिक प्रतिस्पर्धा में छः स्वर्ण के साथ बीएसी चैम्पियन : 

सास्कृतिक कार्यक्रम में कुल 18 कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 365 प्रतिभागी शामिल हुए, सास्कृतिक कार्यक्रम में बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातक), के छात्र-छात्राओं को 06 स्वर्ण, 04 रजत एवं 06 कांस्य पदक प्राप्त हुए जबकि बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर), के छात्र-छात्राओं को 10 पदक प्राप्त हुए जिसमें 02 स्वर्ण, 04 रजत एवं 06 कांस्य 02 कांस्य पदक प्राप्त हुए हाँलाकि वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमराँव ने भी 10 पदक हासिल किये जिसमें 02 स्वर्ण, 04 रजत एवं 04 कांस्य, 02 कांस्य पदक शामिल है, इस सांस्कृतिक प्रतियोगिता में अधिकतम अंक प्राप्त कर बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातक) को प्रथम चैम्पियन धोषित किया गया एवं बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर), को द्वित्तीय चैम्पियन धोषित किया गया। प्रतियोगिता में अधिकतम अंक प्राप्त करने वाली छात्रा सुश्री सुफिया फराज, जो डॉ. कलाम कृषि महाविद्यालय किशनगंज की छात्रा हैं उन्हें बेस्ट परफॉर्मेंस का अवार्ड दिया गया। 
समापन समारोह अधिष्ठाता (कृषि), अधिष्ठाता कृषि डॉ० अजय कुमार साह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई । समापन समारोह के उपलक्ष्य पर विश्वविद्यालय के सभी अधिष्ठाता, निदेशक, प्राचार्य, विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक एवं कर्मचारी उपस्थित थे, सभी बच्चों को बधाई दिया और अनुरोध किया कि वो और बेहतर प्रदर्शन करें तथा राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीते। राष्ट्रीय स्तर पर जीतने से विश्वविद्यालय की रैंकिग उपर जाऐगी। निदेशक, छात्र कल्याण डॉ. फिज़ा अहमद ने छात्रों को अपनी शुभकामनाएँ दी।

कार्यक्रम का संचालन श्री अमित कुमार, प्रभारी पदाधिकारी खेल-कूद, बी.ए.यू. सबौर एवं डॉ. शंभू प्रसाद, प्रभारी पदाधिकारी सांस्कृतिक कार्यक्रम डॉ० अवधेष पाल, डॉ० रवि रंजन, डॉ श्वेता शाम्भावी तथा विभिन्न इवेंट कोच, बि.ए.यू., सबौर के द्वारा किया गया ।

  (Posted on 22 Dec 2023)

अंतर महाविद्यालय खेल-कूद एवं सांस्कृतिक समागम का तीसरे दिन प्रतिभागियों का उत्साह अपने चरम पर (17-12-2023)

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के प्रागंण में आयोजित अन्तर महाविद्यालय खेल-कूद एवं सांस्कृतिक समागम 2023 का तीसरा दिन प्रतिभागियों का उत्साह अपने चरम पहुँच गया है। अपनी लेखनी से धाक जमाने वाले छात्र-छात्राएँ खेल में भी अपने प्रदर्शन से अमिट छाप छोड़ रहे हैँ। पढ़ाई की दौड़ मे अववल रहने वाली छात्राएँ मैदानी दौड़ में भी अववल आ रही हैँ। आज 400 मीटर दौड़ में लड़की से प्रिया भारती, उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय, प्रीति कुमारी, वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमरॉव (बक्सर) सुमेधा प्रियदर्शी, बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर तथा लड़को से नुनु कुमार, वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमरॉव (बक्सर), कमलेश कुमार (स्नातकोत्तर छात्र), बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, सुरज कुमार (स्नातक छात्र) बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर क्रमशः प्रथम, द्वितीय, एवं तृतीय स्थान पर रहे। 200 मीटर दौड़ में लड़की से रूबी कुमारी, डॉ० कलाम कृषि महाविद्यालय, किशनगंज, रूप रेखा वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमरॉव (बक्सर), रूबी कुमारी (स्नातकोत्तर छात्रा), बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, से क्रमशः प्रथम, द्वितीय, एवं तृतीय स्थान पर रही वहीं लड़को में रोहन कुमार, उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय, नुनु कुमार, वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमरॉव (बक्सर), निलेश कुमार भोला पासवान शास्त्री कृषि कॉलेज पूर्णिया से क्रमशः प्रथम, द्वितीय, एवं तृतीय स्थान पर रहे। 4X100 मीटर रिलें दौड़ लड़की टीम से प्रथम स्थान रहे कृषि जैव प्रौधोगिकी महाविद्यालय, सबौर तथा द्वितीय स्थान वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमराँ